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ABN NEWS :- देश दुनिया : तो सच हुई ट्रंप की बात ! ईरान में सत्ता का संघर्ष तेज, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने दिया इस्तीफा

Abhyuday Bharat News / Mon, Jun 1, 2026 / Post views : 69

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अमेरिका और इज़रायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप की बात सच हो रही है। खबर है कि, ईरान के शीर्ष नेतृत्व में मतभेद दिखाई देने लगा है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अपना इस्तीफा देश के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei को सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि यह कदम ईरान की शक्तिशाली सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के साथ बढ़ते मतभेदों के कारण उठाया गया है। बता दें कि, ट्रंप ने कहा था कि ईरान में सत्ता के लिए वहां के नेता कुत्ते बिल्लियों की तरह आपस में लड़ रहे हैं।

रिपोर्ट का दावा: IRGC के बढ़ते प्रभाव से असंतुष्ट हैं राष्ट्रपति

विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन का मानना है कि देश की सत्ता और नीतिगत फैसलों पर अब IRGC का प्रभाव अत्यधिक बढ़ गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्होंने आरोप लगाया है कि निर्वाचित सरकार को महत्वपूर्ण निर्णय प्रक्रियाओं से धीरे-धीरे अलग कर दिया गया है, जिससे सत्ता का संतुलन प्रभावित हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति का मानना है कि इस स्थिति ने IRGC के भीतर मौजूद कट्टरपंथी धड़ों को अधिक प्रभावशाली बना दिया है, जिसके चलते लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका सीमित होती जा रही है।

राष्ट्रपति कार्यालय ने दावों को किया था खारिज

राष्ट्रपति कार्यालय ने इन रिपोर्टों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया था। राष्ट्रपति कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी Seyyed Mehdi Tabatabaei ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा था कि राष्ट्रपति पेजेश्कियन जनता की सेवा के अपने संकल्प पर कायम हैं और इस्तीफे की खबरें महज अफवाह हैं।

उन्होंने कहा था कि, “विदेशी मीडिया नेटवर्क द्वारा फैलाए जा रहे ये दावे पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। राष्ट्रपति जनता की सेवा से पीछे नहीं हटेंगे, जिस प्रकार ईरानी जनता अपनी एकजुटता और प्रतिरोध की भावना से पीछे नहीं हटती।”

कानूनी रास्तों से भटका ईरान का प्रशासन

पेज़ेश्कियन का इस्तीफा ऐसे वक्त में आया है, जब ईरान और अमेरिका की पीस डील करीब करीब आखिरी चरण में हैं। अपनी चिट्ठी में पेज़ेश्कियन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि ईरान का पूरा प्रशासनिक ढांचा अब अपने आधिकारिक और कानूनी रास्तों से पूरी तरह भटक चुका है।

अभी साफ नहीं हुआ कि इस्तीफा मंजूर हुआ या नहीं

फिलहाल ये साफ नहीं हो सका है कि मोजतबा खामेनेई ने इस्तीफे को मंजूरी दी या नहीं। लेकिन पेज़ेश्कियन के इस्तीफे की पेशकश से ईरान की आंतरिक राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है।

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# International News

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