Wed, 10 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 का गरिमामयी आयोजन पामगढ़ में सम्पन्न

मूल निवासी संघ छग भगवान बिरसा मुंडा शहादत दिवस पर उलगुलान का आगाज किया

बिजली की मांग को लेकर 48 गांवों के 500 ग्रामीणों ने खून से लिखा PM मोदी को पत्र, कहा...

TMC का कांग्रेस में विलय? सोनिया गांधी का ममता को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का ऑफर, अभिषेक बनर्जी को पार्टी महासचिव

जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया आई, बोले- ‘सबसे बड़ी कसौटी…

ईरान का ‘मिशन बदलापुर’: अमेरिका के हमले के बाद पूरे खाड़ी में मचाया कोहराम, कतर से लेकर जॉर्डन तक अमेरिकी बेस पर किया हम

Alpha का धमाकेदार टीजर रिलीज, सबसे अलग किरदार में दिखेगी Alia Bhatt …

बांके बिहारी मंदिर में बड़ा हादसा: जर्जर मकान का छज्जा गिरा, सात श्रद्धालु घायल

एल्विश यादव ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के जवाब में बनाई ‘खरगोश जनता पार्टी’, बोले- बहस नहीं, पेस्ट कंट्रोल जरूरी

मार्क जकरबर्ग का बड़ा धमाकाः Meta भारत में खेलेगा पहला AI Data Center, रिलायंस इंडस्ट्रीज से मिलाया हाथ

सूचना

ABN NEWS :- देश दुनिया : 'फिर बेवकूफ नहीं बन सकते', अमेरिका से बातचीत के बीच ईरान को सता रहा डर, क्या ट्रंप देंगे धोखा?

Abhyuday Bharat News / Wed, Mar 25, 2026 / Post views : 109

Share:

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वॉशिंगटन तेहरान के साथ संपर्क में हैं। हालांकि, ईरान के अधिकारियों को मौजूदा बातचीत के बीच एक डर सता रहा है। उनका कहना है कि यह अमेरिका का एक और जाल हो सकता है।

तेहरान: अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर हो रही बातचीत के बीच ईरान को एक डर सता रहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे एक चाल के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। Axios की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने तेहरान और वॉशिंगटन के बीच मध्यस्थता कर रहे देशों के सामने इस आशंका का जाहिर किया है। यह जानकारी ऐसे समय में आई है, जब ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन दूसरी तरफ वह क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी को बढ़ा रहे हैं। इसमें अतिरिक्त पैराट्रूपर्स की तैनाती भी शामिल है।

ईरान का डर आया सामने

Axios की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की से कहा है कि वे फिर से बेवकूफ नहीं बनना चाहते हैं। उन्होंने इलाके में अमेरिका की सैन्य गतिविधियों का हवाला देते हुए कहा कि इससे उनका संदेह और गहरा हो गया है कि कूटनीति असल में आगे की सैन्य कार्रवाई के लिए एक आड़ हो सकती है।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह सैन्य जमावड़ा ईरान को धोखा देने के लिए नहीं, बल्कि उस पर दबाव बनाए रखने के लिए है। Axios ने बताया कि अमेरिका गुरुवार तक सीधी बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहा है, जिसके लिए इस्लामाबाद को चुना जा सकता है। लेकिन ईरान पिछली कूटनीतिक वार्ताओं के अनुभव से संभलकर चल रहा है

पिछला धोखा भूले नहीं ईरानी

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरानी अधिकारी पिछली वार्ताओं को उदाहरण के तौर पर देखते हैं कि बातचीत का इस्तेमाल किसी समझौते तक पहुंचने के बजाय समय जुटाने या युद्ध के मैदान में स्थिति को अपने पक्ष में करने के लिए किया जा सकता है।

वॉइट हाउस ने अपने संदेश में ईरान को बताया है कि ट्रंप बातचीत को लेकर गंभीर हैं। इससे पहले ट्रंप ने गुरुवार को बताया कि उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबिय, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर बातचीत के प्रयास में शामिल थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि ईरान ने उन्हें तेल, गैस और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा एक बड़ा तोहफा दिया है और दावा किया कि अमेरिका सही लोगों के साथ बातचीत कर रहा है।

Tags :

# International News

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts