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: नई औद्योगिक नीति से भारत का इंडस्ट्रीयल हब बनेगा छत्तीसगढ़ – सीएम विष्णुदेव साय

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रायपुर : नई औद्योगिक नीति के माध्यम से छत्तीसगढ़ को भारत का इंडस्ट्रीयल हब बनाने की दिशा में हमारी सरकार प्रयास कर रही है। इस नीति के तहत क्षेत्रीय आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण एवं औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया है। आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया इकॉनोमिक कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ऑनलाइन जुड़ कर यह बात कही।

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के जनजातीय और पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में पांच लाख नौकरियां सृजित की जाएगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन सहित कई अन्य सहायता दी जा रही है, जिसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार उपलब्ध कराने पर उद्योगों को उनके वेतन का 40 प्रतिशत तक सब्सिडी के रूप में प्रतिपूर्ति की जायेगी। इस नीति के तहत बस्तर में उद्योग लगाने पर स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के तहत उद्योगों को 45% तक की सहायता दी जाएगी। वहीं, एसजीएसटी प्रतिपूर्ति के तहत अगले 10 सालों तक पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक एसजीएसटी वापस भी किया जाएगा। नई नीति के तहत उद्योगों को स्टांप ड्यूटी और बिजली शुल्क में छूट, साथ ही 10 और तरह के निवेश प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट की सहायक इकाइयों के लिए 118 एकड़ का नया औद्योगिक क्षेत्र भी स्थापित किया जा रहा है। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा।

 साय ने कहा नई उद्योग नीति में निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 को शामिल किया गया है। इससे वे एक ही जगह पर कई विभागों का क्लीयरेंस प्राप्त कर सकते हैं। यह नीति प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने वाली नीति है। हम इस नीति में ग्रीन इंडस्ट्रीज और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

कार्यक्रम में उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार एवं संचालक प्रभात मलिक ने नया रायपुर और नई उद्योग नीति पर प्रजेंटेशन भी दिया।

नया रायपुर बनेगा आईटी और एजुकेशन हब

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि नया रायपुर को आईटी हब, हेल्थ हब, एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। आईटी और संबंधित फर्मों को रियायती दरों पर प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा रहे हैं। आईटी सेक्टर में साढ़े तीन हजार से अधिक नौकरियों के सृजन के लिए स्थान आबंटित किए गए हैं।

नया रायपुर अटल नगर की रेलवे लाइन का ट्रायल रन पूरा हो गया है। उन्होंने बताया हम सीबीडी रेलवे स्टेशन के निर्माण, सड़कों और सार्वजनिक पार्किंग जैसी अधोसंरचनाओं पर 150 करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं। तीन अन्य रेलवे स्टेशनों का भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया इस साल के अंत तक नया रायपुर से जुड़ी कई परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी। इनमें आईटी एवं संबंधित क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, घरेलू उपकरण, रक्षा, फार्मास्युटिकल, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

नक्सलवाद के खिलाफ विकास और सुरक्षा की नीति

नक्सलवाद से निपटने में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस साल अनेक नक्सली मारे गए हैं और करीब 1500 ने आत्मसमर्पण किया है या उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने अगले दो वर्षों के भीतर छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा हमने नक्सलवाद के खिलाफ विकास और सुरक्षा की नीति पर काम किया है। बीते एक साल में बस्तर में 34 सुरक्षा कैम्प स्थापित करने के साथ-साथ नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अंदरूनी गांवों तक अधोसंरचनाओं का विकास किया जा रहा है।

डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को लागू किया है। प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाने के लिए आईटी उपकरणों में 266 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। अटल मॉनिटरिंग ऐप से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी की जा सकती है। स्वागत पोर्टल के माध्यम से पोर्टल में आवेदन देकर बिना इंतजार किए सुगमता से मंत्रालय में अधिकारियों से मिला जा सकता है। सीएमओ पोर्टल के माध्यम से शासन-प्रशासन से जुड़ी सूचनाओं की जानकारी त्वरित रूप से नागरिकों को मिल जाती है। वहीँ, सुगम एप के माध्यम से अब लोग घर बैठे रजिस्ट्री कर सकते हैं।

बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बताया विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसके तहत राज्य में अधोसंरचनाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र सरकार से 31 हजार करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। बस्तर और सरगुजा के अंदरुनी गांवों तक सड़कों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया रायपुर-विशाखापटनम इकॉनोमी कॉरिडोर, अनेक रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर हवाई अड्डों का विस्तार हो रहा है। रायपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। वहीं, नियद नेल्ला नार योजना के तहत बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाई जा रही है।

जल आपूर्ति और ग्रामीण विकास पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के हर घर में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मिशन का 79% से अधिक काम पूरा हो चुका है और अब तक 40 लाख घरों में नल के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मल्टी-विलेज योजना के तहत उन क्षेत्रों में जल आपूर्ति की समस्या का समाधान किया जा रहा है, जहां भूजल की कमी है। पचराही जैसे दूरस्थ गांवों में नल जल योजना के माध्यम से अब स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

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