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छत्तीसगढ़ :- रायपुर न्यूज : इस गांव में कैलेंडर देखकर नहीं, दिन देखकर मनाई जाती है होली, मंगलवार या शनिवार का है अनोखा कनेक्शन

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Abhyuday Bharat News / Wed, Mar 4, 2026 / Post views : 365

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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के साल्हेओना गांव में होली की परंपरा सबसे जुदा है। यहां मंगलवार या शनिवार को ही होली मनाई जाती है। चाहे देशभर में होली किसी भी दिन हो, यह गांव अपने पूर्वजों के बनाए नियम के अनुसार इन्ही दो दिनों का इंतजार करता है।

रायपुर: पूरे देश में होली फागुन पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है, लेकिन छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ऐसा गांव है, जहां यह परंपरा बिल्कुल अलग है। बरमकेला ब्लॉक के साल्हेओना गांव में होली की तारीख पंचांग तय नहीं करता, बल्कि सप्ताह का दिन तय करता है। यहां सालों से नियम है कि होलिका दहन केवल मंगलवार या शनिवार को ही होगा।

चाहे होली बीत जाए, पर दिन नहीं बदलेगा

साल्हेओना गांव के लोग सदियों से इस परंपरा का पालन कर रहे हैं। अगर देशभर में होली सोमवार को है, तो इस गांव के लोग अगले दिन यानी मंगलवार का इंतजार करेंगे। वहीं अगर बुधवार को होली पड़ती है, तो ये लोग शनिवार तक रुक जाते हैं। जब तक मंगलवार या शनिवार नहीं आता, गांव में न तो रंग उड़ता है और न ही होलिका जलाई जाती है।

अनहोनी का डर और पूर्वजों की मन्नत

ग्रामीणों का मानना है कि इस परंपरा को तोड़ने से गांव पर बड़ी विपदा आ सकती है। बुजुर्गों के अनुसार, दशकों पहले गांव में भीषण आगजनी और बीमारियां फैली थीं, जिसके बाद पूर्वजों ने यह संकल्प लिया था कि संकटों से मुक्ति के लिए केवल हनुमान जी और शनि देव के दिनों (मंगलवार/शनिवार) को ही पर्व मनाया जाएगा।

3 बातें, जो बनाती हैं खास

जब पूरी दुनिया होली के जश्न में डूबी होती है, तब इस गांव में सामान्य कामकाज चलता रहता है।
गांव की बैठक में दिन तय किया जाता है और पूरा गांव एक साथ उसी दिन रंग खेलता है।
आधुनिकता के दौर में भी गांव के युवा इस सांस्कृतिक विरासत को उसी शिद्दत से निभा रहे हैं।


पुरखों का नियम है, हम नहीं तोड़ेंगे

गांव के जानकारों का कहना है कि यह केवल अंधविश्वास नहीं बल्कि उनकी आस्था और एकता का प्रतीक है। यही वजह है कि आसपास के गांवों के लोग भी साल्हेओना की इस अनूठी होली को देखने पहुंचते हैं। गांव वालों का कहना है कि ये पुरखों का नियम है, इसे नहीं तोड़ेंगे।

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#CG NEWS

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