Fri, 30 Oct 2026
Logo

ब्रेकिंग

’ई-रिक्शा ने बदली संगीता देवी की जिंदगी, स्वरोजगार से बनीं लखपति दीदी’

’सेवा सेतु पोर्टल से आसान हुई पटाखा बिक्री लाइसेंस की राह, बालकुमार को मिली बड़ी राहत’

दीपावली से पहले बस्तर को सड़क विकास की बड़ी सौगात, 485 बसाहटों को मिलेगी बारहमासी सड़कें

राज्योत्सव पर विशेष आलेख : आधुनिक तकनीक से जीवंत हुईं जनजातीय अमर बलिदानियों की शौर्यगाथाएं

भोपसरा में विजयादशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण

लईका चिन्हारी' ऐप से आउट ऑफ स्कूल व दिव्यांग बच्चों की पहचान हेतु राज्य स्तरीय व्यावहारिक प्रशिक्षण निमोरा में संपन्न

छत्तीसगढ़ में हल्की ठंड की शुरुआत, अगले चौबीस घंटे में गिर सकता है तापमान,

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की का

विश्वास का फायदा उठाकर शासकीय व्याख्याता ने निजी स्कूल के खाते में कर दी सेंध-मारी, दीदी शिक्षण समिति के पदाधिकारी ने की

सूचना

मां बम्लेश्वरी मंदिर किसका, ट्रस्ट, राजपरिवार या गोंड-आदिवासी समाज का:पूजा पद्धति पर विवाद, भवानी बहादुर बोले- परंपरा बदली, सभी समाजों को मिले प्रतिनिधित्व

घर में घुसकर मां-बेटे का मर्डर:भतीजे ने बेटी पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया; जादू-टोने के शक में वारदात, डोंगरगढ़ में 3 अरेस्ट

शराब घोटाला, कांग्रेस भवन पहुंचाए गए 860-880 करोड़:ED का दावा- कांग्रेस नेता रामगोपाल की मॉनिटरिंग में पहुंचा कैश, 9.06 करोड़ की संपत्ति अटैच

CG NEWS : रायपुर : बिहान से गनेशी बाई आत्मनिर्भरता की राह पर

Abhyuday Bharat News / Mon, Nov 24, 2025 / Post views : 295

Share:

 बिहान से गनेशी बाई आत्मनिर्भरता की राह पर

पशुपालन कर बनीं लखपति दीदी, 3 लाख से अधिक अर्जित की सालाना आय

कोण्डागांव जिले के जनपद पंचायत बड़ेराजपुर के ग्राम बस्तरबुड़ा की निवासी श्रीमती गनेशी मरकाम ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर पशुपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। गनेशी मरकाम आज “लखपति दीदी” के रूप में अपनी नई पहचान बना चुकी हैं।

    गनेशी मरकाम गायत्री महिला स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह के माध्यम से उन्होंने मक्का की खेती, बकरी पालन और सूकर पालन को आजीविका का माध्यम बना कर अपने आर्थिक और सामाजिक जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है। इन गतिविधियों से उन्हें लगभग 3.56 लाख रुपये तक की वार्षिक आय हो रही है।

    उन्होंने बताया कि समूह में जुड़ने से पहले वे अपने परिवार के साथ कृषि कार्य, मजदूरी और सीमित बकरी पालन कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं, और उस समय परिवार का वार्षिक आय मात्र 66 हजार रुपये थी। बिहान से जुड़ने के बाद समूह के जरिए 15 हजार रुपये आरएफ राशि, 60 हजार रुपये सीआईएफ राशि और ऋण के रूप में सहयोग प्राप्त हुआ। गनेशी ने बकरी पालन का व्यवसाय दो बकरियों से शुरुआत किया था और आज दो सौ से अधिक बकरियां उनके बाड़े में हैं साथ में सूकर पालन (संख्या 10) भी शुरू किया। मेहनत और नियमित देखभाल से उनकी आय लगातार बढ़ती गई और वर्तमान में वे करीब तीन लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं। इन गतिविधियों से न केवल वे आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि पूर्व आय की तुलना में चार गुना अधिक आय प्राप्त कर रही हैं। और उन्होंने बकरियों के देखभाल करने के लिए एक व्यक्ति को रोजगार भी दे रही है। आज गनेशी का परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने के साथ सामाजिक जीवन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।  

    केंद्र एवं राज्य शासन की मंशा अनुरूप राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की टीम द्वारा ऐसे समूहों और महिला सदस्यों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर सहायता और मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर स्वयं आत्मनिर्भर हो सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकें

Tags :

#CG NEWS

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts