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छत्तीसगढ़ न्यूज़ : कौन थे वीर शहीद गुंडाधुर, जिनके तीरों के सामने लाचार हो गए थे अंग्रेज, अमित शाह उन्हीं के गांव से करेंगे नए मिशन की शुरु

Abhyuday Bharat News / Mon, May 18, 2026 / Post views : 187

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन बस्तर पहुंचेंगे। इस दौरान शाह नेतानार गांव में जनसुविधा केंद्र की शुरुआत करेंगे। नेतानार गांव वीर शहीद गुंडाधुर की जन्मस्थली है

बस्तर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 3 दिवसीय छ्त्तीसगढ़ दौरे पर हैं। सोमवार को वह बस्तर पहुंचेंगे और कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त होने की घोषणा के बाद अमित शाह का यह पहला बस्तर दौरा है। शाह जगदलपुर एयरपोर्ट से सीधे नेतानार गांव जाएंगे। यह गांव छत्तीसगढ़ के वीर शहीद गुंडाधुर की जन्मस्थली है। अमित शाह यहां से नए मिशन की शुरुआत करेंगे।

क्या है बस्तर में सरकार का नया मिशन

नक्सलवाद के समाप्ति की घोषणाके बाद अब बस्तर में विकास सरकार की प्राथमिकता है। इसी कड़ी में अमित शाह सोमवार को नेतानार सुरक्षा कैंप में बड़ा बदलाव करेंगे। नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षाबल के जवानों ने सुरक्षाकैंपों की स्थापना की थी। अब इन सुरक्षा कैंपों को जन सुविधा केंद्रों में बदला जा रहा है। जिसकी शुरुआत अमित शाह वीर शहीद गुंडाधुर की जन्मस्थली से करेंगे।

सुरक्षा कैंप अभी तक सुरक्षाबल के जवानों के लिए थे। लेकिन अब यहां आम लोगों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। जन सुविधा कैंपों में आंगनबाड़ी, प्राथमिक शाला, हेल्थ समेत कई तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगीं। यहां विकास, प्रशासनिक पहुंच और आधुनिक सुविधाओं का नया ढांचा तैयार किया जाएगा।


नए मॉडल की होगी शुरुआत

बस्तर में नक्सलवाद की खिलाफ अभियान ने तैयार किए गए सुरक्षा कैंप को जनसुविधा केंद्र में बदला जा रहा है। इस केंद्र के जरिए स्थानीय ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और प्रशासनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में बस्तर के अन्य सुरक्षा कैंपों को भी इसी मॉडल पर विकसित किया जाए। जनसुविधा केंद्र की शुरुआत से नक्सल प्रभावित स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच विश्वास बढ़ेगा।

  • बस्तर में आज से नए मॉडल की होगी शुरुआत

  • सुरक्षा कैंप को जन सुविधा केंद्र में बदला जाएगा

  • वीर शहीद गुंडाधुर के गांव से अमित शाह करेंगे शुरुआत

  • नेतानार सुरक्षा कैंप को जनसुविधा केंद्र में बदला जाएगा



कौन थे वीर शहीद गुंडाधुर?

वीर शहीद गुंडाधुर की जन्मस्थली बस्तर का नेतानार गांव है। वीर शहीद गुंडाधुर ने बस्तर में अंग्रेजों के खिलाफ साल 1910 में भूमकाल आंदोलन चलाया था। उन्होंने सिर्फ तीर धनुष और पारंपरिक हथियारों के दम पर जल जंगल जमीन बचाने की लड़ाई अंग्रेजों की खिलाफ लड़ी थी। ऐसा कहा जाता है कि वीर शहीद गुंडाधुर ने अंग्रेजों को इतना परेशान किया कि वे जंगल और गुफा में छिपने के लिए मजबूर हो गए थे।

छत्तीसगढ़ का आदिवासी समाज गुंडाधुर को अपना गुरु मानता है और उनकी पूजा करता है। जल, जंगल, जमीन के रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ 10 फरवरी 1910 में उन्होंने भूमकाल आंदोलन की शुरुआत की थी।


राज्य सरकार ने दिया है शहीद का दर्जा

अंग्रेजों के खिलाफ जंग छेड़ने और जल, जंगल और जमीन की लड़ाई में अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाले वीर शहीद गुंडाधुर को छत्तीसगढ़ सरकार ने शहीद का दर्जा दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार गुंडाधुर के नाम के कई पुरस्कारों की घोषणा भी करती है।

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