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बिलासपुर न्यूज़ : सिरगिट्टी पुलिस क्यों नहीं लगा पा रही वारदातो पर अंकुश, एक बार फिर सवालों के घेरे में ...

Abhyuday Bharat News / Sun, Nov 9, 2025 / Post views : 422

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सिरगिट्टी थाना क्षेत्र एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जहां एक ओर तिफरा इलाके में होटल के पीछे अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई, वहीं दूसरी ओर इलाके में अवैध शराब का कारोबार और लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं पुलिस की निष्क्रियता और ढीली कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

पहली घटना: तिफरा में अधजली लाश — पहचान तक मुश्किल, पुलिस “जांच जारी है” के पुराने राग पर

सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा इलाके में एक होटल के पीछे अधजली लाश मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। शव इतनी बुरी तरह जला हुआ था कि उसकी पहचान तक नहीं हो पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में अंधेरा और सुनसान इलाका होने के कारण आपराधिक गतिविधियों के लिए यह जगह पहले से कुख्यात रही है।

लेकिन पुलिस हर बार की तरह केवल “जांच जारी है” कहकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रही है। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक सिरगिट्टी पुलिस ऐसे गंभीर मामलों में “औपचारिक जांच” का बहाना बनाकर बचती रहेगी?

दूसरी घटना: अवैध शराब कारोबार — हत्या के बाद भी जारी कारोबार

कुछ दिनों पहले इसी इलाके में अवैध शराब बेचने वाले एक व्यक्ति ने विवाद के दौरान साहिल सोनकर नामक युवक की हत्या कर दी थी। इसके बाद भी इलाके में अवैध शराब का धंधा खुलेआम जारी है।

24 अक्टूबर को अवैध शराब को लेकर दो पक्षों में हुए झगड़े ने सिरगिट्टी थाने की पोल खोल दी। एक ही दिन में एक ही इलाके से दो एफआईआर (0581/25 और 0583/25) दर्ज की गईं, जिससे यह साफ है कि मामला सामान्य विवाद नहीं बल्कि अवैध शराब कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई है।

हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने दोनों मामलों में सिर्फ मामूली धाराएँ (115(2), 296, 351(2) आदि) लगाई हैं — जबकि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर खुलेआम मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के गंभीर आरोप लगाए हैं।

इलाके के लोगों का कहना है कि “जब पूरे मोहल्ले को पता है कि कहां-कहां शराब बिकती है, तो पुलिस और उसके मुखबिरों को आखिर क्या नहीं दिखता?” यह सवाल अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है।

तीसरी घटना: रात में हंगामा, न पेट्रोलिंग आई, न थाना प्रभारी ने फोन उठाया

कल रात करीब 10 बजे सिरगिट्टी आवास पारा जाने वाले रास्ते पर 20 से 25 युवक खुलेआम शराब पीकर हंगामा कर रहे थे। तेज आवाज में गाने बजाना, गाली-गलौज करना और राहगीरों को परेशान करना — सब कुछ खुलेआम हुआ।

सूचना पेट्रोलिंग दल और कंट्रोल रूम दोनों को दी गई, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। जब हालात नहीं संभले, तो स्थानीय लोगों ने खुद थाना प्रभारी को फोन किया, लेकिन थाना प्रभारी महोदय ने कॉल तक नहीं उठाया।

अब सवाल यह है कि क्या सिरगिट्टी पुलिस किसी बड़ी वारदात या खून-खराबे का इंतजार करती है, तब जाकर हरकत में आती है?

जनता का सवाल — सिरगिट्टी पुलिस आखिर कर क्या रही है?

तीन-तीन घटनाएं — अधजली लाश, अवैध शराब से जुड़ा खून-खराबा, और खुलेआम रात में हंगामा — यह सब एक ही थाना क्षेत्र में, कुछ ही दिनों के भीतर घटित हुआ है।

पुलिस की मौजूदगी नाम मात्र की रह गई है, जबकि अपराधी दिन-रात सक्रिय हैं। जनता अब खुलेआम पूछ रही है —

“जब जनता को सब कुछ पता है, तो पुलिस को क्या नहीं पता? या फिर पुलिस जानबूझकर आंखें मूंदे बैठी है?”

सिरगिट्टी थाना अब “कानून-व्यवस्था” का नहीं, बल्कि लापरवाही और उदासीनता का केंद्र बन चुका है।

अधजली लाश की गुत्थी सुलझाने में ढिलाई

अवैध शराब कारोबार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं

जनता की सूचना के बावजूद पेट्रोलिंग और थाना प्रभारी की चुप्पी

ये तीनों घटनाएं बताती हैं कि सिरगिट्टी में कानून की पकड़ ढीली नहीं, बल्कि बिलकुल खत्म होती जा रही है।

अब यह देखना बाकी है कि बिलासपुर पुलिस के आला अधिकारी इस पर कब और कैसी कार्रवाई करते हैं — या फिर सिरगिट्टी पुलिस किसी अगली बड़ी घटना का इंतजार कर रही है।

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#CG NEWS

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