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Raipur : रायपुर में स्थापित ARKASA एक उभरती हुई स्पेस आर्किटेक्चर एवं डिज़ाइन रिसर्च लैब है, ARKASA ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

Abhyuday Bharat News / Fri, Jul 24, 2026 / Post views : 272

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पोलैंड में मिलिट्री-ग्रेड ह्यूमन सेंट्रीफ्यूज ट्रेनिंग पूरी कर छत्तीसगढ़ आधारित स्पेस डिज़ाइन रिसर्च फर्म ARKASA ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

रायपुर/वारसॉ (पोलैंड), 15 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ आधारित स्पेस रिसर्च फर्म ARKASA – Space Architecture & Design Research Lab ने पोलैंड में विश्वस्तरीय ह्यूमन सेंट्रीफ्यूज ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी कर एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। यह मिलिट्री-ग्रेड ट्रेनिंग फर्म की फाउंडर आर्किटेक्ट अर्शलीन कौर साहनी, को-फाउंडर आर्किटेक्ट बिस्वजीत दास और ARKASA टीम द्वारा पूरी की गई। यह वही उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम है जिसका उपयोग F-16, F-35 और MiG-29 जैसे लड़ाकू विमानों के पायलटों के साथ-साथ उच्च-G वातावरण के लिए अंतरिक्ष यात्रियों की तैयारी में किया जाता है।

रायपुर में स्थापित ARKASA एक उभरती हुई स्पेस आर्किटेक्चर एवं डिज़ाइन रिसर्च लैब है, जो विज्ञान, आर्किटेक्चर, डिज़ाइन और मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के संगम पर कार्य कर रही है। यह संस्था भविष्य के चंद्र एवं मंगल अभियानों, मानव-केंद्रित स्पेस हैबिटेट्स, एनालॉग एस्ट्रोनॉट मिशनों और स्पेस एजुकेशन के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए कार्यरत है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्पेस सेक्टर में भारत की भूमिका को और मजबूत करना है।

ARKASA को आधिकारिक रूप से ISRO के Space Tutor Program के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है और यह IN-SPACe (Indian National Space Promotion and Authorization Centre) के स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी हिस्सा है। संस्था का उद्देश्य भारत में Space Architecture को एक उभरते हुए क्षेत्र के रूप में स्थापित करना तथा युवाओं और शोधकर्ताओं को स्पेस साइंस, डिज़ाइन और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

ह्यूमन सेंट्रीफ्यूज ट्रेनिंग का आयोजन पोलैंड के Analog Astronaut Training Centre (AATC) के संस्थापक Mateusz Harasymczuk और Military Institute of Aviation Medicine (WIML), Warsaw के सहयोग से किया गया। इस प्रशिक्षण में ARKASA की ओर से फाउंडर आर्किटेक्ट अर्शलीन कौर साहनी, को-फाउंडर आर्किटेक्ट बिस्वजीत दास, ARKASA टीम के सदस्य लूमेश साहू, तथा अनुष्का राठौर ने भाग लिया।

ह्यूमन सेंट्रीफ्यूज दुनिया की सबसे उन्नत अंतरिक्ष यात्री और फाइटर पायलट प्रशिक्षण प्रणालियों में से एक है, जिसमें नियंत्रित वातावरण में प्रतिभागियों को अत्यधिक G-Force का अनुभव कराया जाता है। इस प्रशिक्षण के दौरान टीम ने Anti-G Manoeuvres, G-Induced Loss of Consciousness (G-LOC) से बचाव, उच्च त्वरण के दौरान मानव शरीर की शारीरिक प्रतिक्रियाओं और अत्याधुनिक फाइटर जेट कॉकपिट सिमुलेशन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया, जो उच्च प्रदर्शन वाले सैन्य विमानों में अनुभव की जाने वाली परिस्थितियों को दोहराता है।

इस उपलब्धि पर फाउंडर आर्किटेक्ट अर्शलीन कौर साहनी ने कहा कि भविष्य के मानव अंतरिक्ष अभियानों की सफलता केवल अंतरिक्ष यानों और तकनीक पर निर्भर नहीं करती, बल्कि यह समझना भी आवश्यक है कि अत्यधिक परिस्थितियों में मानव शरीर किस प्रकार कार्य करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान ARKASA के स्पेस आर्किटेक्चर, मानव-केंद्रित स्पेस हैबिटेट्स और भविष्य के मानव अंतरिक्ष उड़ान अनुसंधान को और मजबूत करेगा।

यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के उभरते हुए स्पेस इनोवेशन इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। दुनिया के सबसे विशिष्ट मिलिट्री-ग्रेड एयरोस्पेस प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक को सफलतापूर्वक पूरा कर ARKASA ने यह प्रदर्शित किया है कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले शोधकर्ता और नवप्रवर्तक वैश्विक मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के भविष्य में सार्थक योगदान दे रहे हैं।

News Gathering ; Anil Baghel ABN

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