Sat, 06 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

विश्व पर्यावरण दिवस पर संगोष्ठी; शिक्षाविदों को मिला ‘वसुंधरा गौरव सम्मान’

बहुत देर से इंतजार कर रही, परेशान मत हो', UPSC का सपना लेकर पहुंची छात्रा का कलेक्टर ने जीता दिल तो हो गई भावुक

भारत-चीन सीमा विवाद पर पुतिन का बड़ा बयान, बोले- बाहरी दखल उचित नहीं, PAKISTAN को लेकर भी कही बड़ी बात

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: वोटिंग से पहले मैदान से हटे MVA के उम्मीदार, 17 में से 6 सीटों पर महायुति को बिना लड़े मिल

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन की रणनीति बदली, अभिजीत दीपके ने समर्थकों से एयरपोर्ट न आने की अपील की

अन्नामलाई ने बीजेपी को अलविदा कहा: पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस्तीफा स्वीकार किया

होम-कार लोन पर नहीं बढ़ेगी आपकी EMI, रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा

मालवीय नगर अग्निकांड के बाद सख्ती: महिपालपुर के 250 होटलों पर सीलिंग का खतरा, बिना लाइसेंस चल रहा कारोबार

पत्नी से अफेयर के शक में बाउंसर की हत्या : पत्थर से सिर कुचलकर उतारा मौत के घाट, फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

सीएम साय ने बिलासपुर को 134 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात

सूचना

raipur : जशपुर की नाशपाती से बढ़ रही किसानों की आमदनी, 3,500 से अधिक कृषक जुड़े फल उत्पादन से

Abhyuday Bharat News / Mon, May 18, 2026 / Post views : 62

Share:

3500 हेक्टेयर में हो रही नाशपाती की खेती, देश के कई राज्यों में है जशपुर की नाशपाती की मांग

3500 हेक्टेयर में हो रही नाशपाती की खेती, देश के कई राज्यों में है जशपुर की नाशपाती की मांग
एक एकड़ से किसानों को हो रही 1 लाख से 1.50 लाख रुपए तक की वार्षिक आय

जशपुर की नाशपाती से बढ़ रही किसानों की आमदनी, 3,500 से अधिक कृषक जुड़े फल उत्पादन से

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जशपुर जिले के किसान नाशपाती की खेती के माध्यम से उल्लेखनीय आय अर्जित कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। प्राकृतिक रूप से अनुकूल जलवायु और उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन के कारण जशपुर आज राज्य के प्रमुख नाशपाती उत्पादक जिलों में शामिल हो चुका है।

जशपुर की नाशपाती से बढ़ रही किसानों की आमदनी, 3,500 से अधिक कृषक जुड़े फल उत्पादन से

जशपुर जिले में लगभग 3,500 से अधिक किसान करीब 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र में नाशपाती की खेती कर रहे हैं। जिले में प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 75 हजार क्विंटल नाशपाती का उत्पादन हो रहा है। इससे हजारों कृषक परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और जिले की पहचान फल उत्पादन के क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रही है।
जशपुर की नाशपाती स्वाद, गुणवत्ता और आकर्षक आकार के कारण देश के विभिन्न राज्यों में विशेष रूप से पसंद की जाती है। जिले के सन्ना, पंडरापाठ, कंवई, महुआ, सोनक्यारी, मनोरा, धवईपाई और गीधा जैसे क्षेत्रों से नाशपाती की खेप दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भेजी जाती है। फल को सावधानीपूर्वक कैरेट में पैक कर बाजारों तक पहुंचाया जाता है।
नाशपाती की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। एक एकड़ क्षेत्र से किसानों को औसतन 1 लाख से 1.50 लाख रुपए तक की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसान आधुनिक उद्यानिकी की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
उद्यानिकी विभाग तथा नाबार्ड के सहयोग से किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, पौधरोपण, बागवानी प्रबंधन और विपणन संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत नाशपाती क्षेत्र विस्तार योजना संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से किसानों को अनुदान एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर जिले में उद्यानिकी आधारित कृषि को नई दिशा मिली है। नाशपाती की खेती न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि जशपुर को राज्य के एक उभरते हुए फल उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है।


Tags :

#CG NEWS

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts