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दिल्ली न्यूज : अरविंद केजरीवाल के साथ मीटिंग,टिकट देने का वादा,पार्टी टूटने से पहले AAP में क्या हुआ

Abhyuday Bharat News / Sat, Apr 25, 2026 / Post views : 248

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राघव चड्डा की अगुवाई में 'आप' के सात सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से पहले आम आदमी पार्टी में वादों और आश्वासनों की कोशिशें शुरू हो चुकी थीं। मीटिंग भी बुला ली गई थी। लेकिन, उससे पहले ही सबकुछ अरविंद केजरीवाल के हाथ से निकल गया।

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी में सबसे बड़ी टूट से लगता है कि शीर्ष नेतृत्व अंदर के असंतोष से पूरी तरह से वाकिफ था। इसलिए बैठकों और आश्वावसनों की कोशिशें चल रही थीं। लेकिन, लगता है कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल यह अंदाजा नहीं लगा पाए कि उनकी पार्टी के ज्यादातर राज्यसभा सांसद बीजेपी के साथ डील पक्की कर चुके हैं। अब यह बातें छन-छन कर सामने आ रही हैं कि आम आदमी पार्टी के सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से पहले पार्टी के अंदर क्या-क्या हुआ?

आम आदमी पार्टी चीफ अरविंद केजरीवाल ने पार्टी छोड़ने वाले कम से कम 5 सांसदों को यह आश्वासन दिया था कि अगले टर्म में उन्हें जरूर टिकट दिया जाएगा, अगर पार्टी के भीतर असंतोष को देखते हुए वे फिलहाल राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दें। एनडीटीवी ने इस मामले की पूरी जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है।

अरविंद केजरीवाल की मीटिंग से पहले हो गई टूट

रिपोर्ट के अनुसार इन्हीं सब बातों पर चर्चा के लिए अरविंद केजरीवाल ने उन नेताओं को शुक्रवार शाम को अपने आवास पर बुलाया भी था, लेकिन मीटिंग हो पाती उससे पहले ही'आप' के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों की ओर से राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने और बीजेपी में विलय की घोषणाकर दी गई।

किन सांसदों से किया जा रहा था दोबारा टिकट का वादा

माना जा रहा है कि जिन 5 सांसदों को अरविंद केजरीवाल अभी इस्तीफा देने पर भविष्य में टिकट देने का वादा कर रहे थे, उनमें संदीप पाठक,हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी शामिल हो सकते हैं। क्योंकि, स्वाति मालीवाल के साथ पहले से ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का भयंकर विवाद था और हाल ही में राघव चड्डा से के साथ भी यह समीकरण बहुत ज्यादा बिगड़ चुका था।

ग्रुप में 'आप' छोड़ने की पहले नहीं थी तैयारी!

  • रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने उनसे कहा था कि वह अगर अभी इस्तीफा देते हैं तो अगले कार्यकाल में उन्हें टिकट जरूर दिया जाएगा।

  • लेकिन, शायद केजरीवाल को यह भनक नहीं लगी कि उनके सांसद पहले से ही आप छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का मन बना चुके हैं।

  • सूत्र के अनुसार केजरीवाल की ओर से मुलाकात के लिए बुलाए जाने से पहले सांसद पार्टी छोड़ने के लिए एक ग्रुप की तरह नहीं जुड़े थे, लेकिन उन सबने अपने-अपने स्तर पर आम आदमी पार्टी से विदाई लेने की ठान ली थी।


आम आदमी पार्टी के साथ आगे क्या होगा

आम आदमी पार्टी के साथ राजनीतिक संकट की शुरुआत पिछले साल (फरवरी, 2025) की शुरुआत में तब शुरू हुई, जब दिल्ली विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने उसे सत्ता से बेदखल कर दिया।सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद दिल्ली के 16 विधायकों के भी आप छोड़ने की अटकलें शुरूहो चुकी हैं। ऐसे में अगले साल पंजाब विधानसभा चुनाव पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि वहां अगर सत्ता में वापसी नहीं हुई तो इसके राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे पर भी ग्रहण लग सकता है।

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