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मध्यप्रदेश न्यूज : बंगाल की क्लीन चिट पर एमपी पुलिस को शक, 3278 संदिग्धों में से 3259 को बताया भारतीय, अब फिर होगी चेकिंग

Abhyuday Bharat News / Mon, Apr 27, 2026 / Post views : 250

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मध्य प्रदेश में चिह्नित किए गए 3,278 संदिग्ध बांग्लादेशियों में से 3,259 को बंगाल सरकार ने अपना निवासी बताया है। हालांकि, एमपी पुलिस इस सत्यापन को अंतिम नहीं मान रही है और फर्जी दस्तावेजों की आशंका के चलते दोबारा जांच की तैयारी में है।

भोपाल: मध्य प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों और बंगाल सरकार के बीच दस्तावेजी दांवपेच शुरू हो गए हैं। पिछले साल केंद्र के निर्देश पर एमपी पुलिस ने जिन 3,278 लोगों को संदिग्ध बांग्लादेशी मानकर चिह्नित किया था, उनमें से 3,259 को पश्चिम बंगाल सरकार ने अपना नागरिक स्वीकार कर लिया है। बंगाल प्रशासन का कहना है कि इन लोगों के आधार, राशन कार्ड और वोटर आईडी उनके ही राज्य से जारी हुए हैं। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती; एमपी का गृह विभाग इस क्लीन चिट को पूरी तरह स्वीकार करने के मूड में नहीं है।

20 टीमें, 30 जिले और एक बड़ा संदेह

मुख्य सचिव अनुराग जैन के नेतृत्व में बनी रणनीति के तहत एमपी पुलिस की 20 टीमों ने बंगाल के सरकारी दफ्तरों की खाक छानी। जांच में पाया गया कि सिर्फ 19 लोगों के दस्तावेज फर्जी थे, जिन्हें तुरंत बीएसएफ को सौंपकर सीमा पार भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। बाकी 3,259 लोगों को बंगाल ने अपना माना, लेकिन एमपी पुलिस के अधिकारियों का तर्क है कि संभव है कि घुसपैठियों ने बंगाल पहुंचकर वहां से फर्जी तरीके से असली दस्तावेज बनवा लिए हों।

बंगाल सरकार ने दस्तावेज वैध बताए हैं, लेकिन हम इसे अंतिम नहीं मान रहे। आशंका है कि घुसपैठियों ने फर्जी तरीके से दस्तावेज हासिल किए हों। संदेह होने पर हम दोबारा सत्यापन कराएंगे।

गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी

भाषा और काम बना था पहचान का आधार

यह पूरा अभियान जून 2025 में केंद्र के निर्देश के बाद शुरू हुआ था। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश थे कि वे अपने इलाकों में संदिग्धों की भाषा, काम करने के तरीके और रहन-सहन के आधार पर उन्हें चिह्नित करें। इसी आधार पर 3,278 लोगों की लिस्ट तैयार हुई थी। अब गृह विभाग का कहना है कि सत्यापन एक सतत प्रक्रिया है और संदेह होने परदोबारा जांचकराई जा सकती है।

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