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: जीवित व्यक्ति को मृत बताकर फर्जी बेटा ने कूटरचित दस्तावेज के सहारे फौती नामांतरण करवाया.., बेस कीमती जमीन को फर्जी दस्तावेज के सहारे बिक्री करने की शिकायत पर पुलिस कार्यवाही करने में नहीं ले रही रूचि , बालको पुलिस पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का लग रहा आरोप.......!, भू माफियाओं के साथ मिलकर किया गया जमीन का सौदा,असली मालिक की सजगता से खुल गया फर्जीवाड़ा का राज ......।

Admin / Thu, Mar 6, 2025 / Post views : 382

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⭕जीवित व्यक्ति को मृत बताकर फर्जी बेटा ने कूटरचित दस्तावेज के सहारे फौती नामांतरण करवाया..

⭕भू माफियाओं के साथ मिलकर किया गया जमीन का सौदा,असली मालिक की सजगता से खुल गया फर्जीवाड़ा का राज ......।

⭕बेस कीमती जमीन को फर्जी दस्तावेज के सहारे बिक्री करने की शिकायत पर पुलिस कार्यवाही करने में नहीं ले रही रूचि , बालको पुलिस पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का लग रहा आरोप.......!

कोरबा / बालको - जीवित व्यक्ति को मृत बताकर कथित फर्जी बेटे ने कूटरचित दस्तावेज के सहारे जमीन का सौदा किया. इस फर्जीवाड़ा में जमीन क्रेता के रिश्तेदार भी शामिल होना बताया जा रहा है. कोरबा के एक व्यक्ति को अपने रिश्तेदार पर भरोसा करके जमीन खरीदी का सौदा करना महंगा पड़ गया. दरअसल लाखों रुपए का भुगतान करने के बाद भी प्रार्थी को जमीन की रजिस्ट्री नहीं किया गया. जिसके बाद पूरे मामले को लेकर प्रार्थी के द्वारा लिखित शिकायत थाने में किया गया है.

शिकायतकर्ता नवीन गोयल, पिता स्व. सत्यनारायण गोयल, सिविक सेंटर बालको का निवासी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि पवन अग्रवाल , पिता सत्यनारायण अग्रवाल , निवासी इंद्रा नगर बालको, रिश्ते में उनके मामा का लड़का है. और दिनांक 06/04/2023 को पवन अग्रवाल प्रार्थी के दुकान सिविक सेंटर बालको आकर प्रस्ताव रखा कि ग्राम रिसदा में स्थित भूमि जो कि उसके एवं उसके साथी के नाम से रजिस्ट्रर्ड (जनरल पावर ऑफ एटार्नी) के हैसियत से लेखागृहित है, और उक्त संपति जिसका खसरा नंबर 471/19 रकबा 0.0650 का 07 डिसमिल भूमि को विक्रय करना चाहता है

साक्ष्य के तौर पर पवन अग्रवाल ने मुख्तयारनामा आम की छाया प्रति दिखाया. जिसके पश्चात उक्त जमीन देखने के लिए कहा एवं 15,00,000/- लाख रुपए में जमीन को प्रार्थी से बेचने का दिनांक 07/04/2023 को पक्का सौदा किया एवं 6 माह में रजिस्ट्री करवाने का आश्वासन दिया गया ,आरोप है कि प्रार्थी द्वारा पवन अग्रवाल से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया.परंतु पवन अग्रवाल द्वारा फोन नहीं उठाया गया. प्रार्थी नवीन गोयल का यह भी दावा है कि पवन अग्रवाल द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर जिंदा व्यक्ति को मृत बताकर मुख्तयारनामा आम बनाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फ्रॉड करते हुए 2,00,000/- लाख रुपए की ठगी की गई है।

दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि उक्त भूमि के संबंध में भूमि के असली मालिक गणेश सिंह गहलोत द्वारा पुलिस में शिकायत की गई है । मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी नवीन गोयल ने पुलिस थाना का चक्कर काट कर परेशान होने के उपरांत माननीय न्यायालय में परिवाद पेश किया है । बहरहाल देखने वाली बात होगी की इस मामले पर कब तक कार्यवाही हो पाती है।

विधि के जानकारो के अनुसार संज्ञेय अपराध होने  के बाद भी मामले पर सुप्रीम कोर्ट के गाईडलाईन को दरकिनार कर अनावेदक पर कार्यवाही नही करते हुए संरक्षण दिया जा रहा है । प्रार्थी पुलिस के चक्कर काटकर थकने के उपरांत माननीय  न्यायालय में परिवाद पेश किया है । दस्तावेजी साक्ष्य होने के बाद भी कार्यवाही नही होने से पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान उठ रहें हैं.चर्चा यह भी हैं कि बाल्को की कमान उसी को मिलती है जिसकी पहुंच दिल्ली दरबार तक होती है।

 

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