Sun, 07 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

सुसाइड या कोई गहरा राज? 15 दिन में होटल के दो कर्मचारियों की मौत… दोनों घटनाओं के बीच संबंध की संभावना

विश्व पर्यावरण दिवस पर संगोष्ठी; शिक्षाविदों को मिला ‘वसुंधरा गौरव सम्मान’

बहुत देर से इंतजार कर रही, परेशान मत हो', UPSC का सपना लेकर पहुंची छात्रा का कलेक्टर ने जीता दिल तो हो गई भावुक

भारत-चीन सीमा विवाद पर पुतिन का बड़ा बयान, बोले- बाहरी दखल उचित नहीं, PAKISTAN को लेकर भी कही बड़ी बात

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: वोटिंग से पहले मैदान से हटे MVA के उम्मीदार, 17 में से 6 सीटों पर महायुति को बिना लड़े मिल

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन की रणनीति बदली, अभिजीत दीपके ने समर्थकों से एयरपोर्ट न आने की अपील की

अन्नामलाई ने बीजेपी को अलविदा कहा: पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस्तीफा स्वीकार किया

होम-कार लोन पर नहीं बढ़ेगी आपकी EMI, रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा

मालवीय नगर अग्निकांड के बाद सख्ती: महिपालपुर के 250 होटलों पर सीलिंग का खतरा, बिना लाइसेंस चल रहा कारोबार

पत्नी से अफेयर के शक में बाउंसर की हत्या : पत्थर से सिर कुचलकर उतारा मौत के घाट, फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

सूचना

SARGUJA NEWS : तेज बहाव से गेरसा बांध टूटा, 30 एकड़ फसल डूबने के खतरे में, किसान चिंतित

Abhyuday Bharat News / Sat, Sep 6, 2025 / Post views : 210

Share:

सरगुजा। लगातार बारिश के बाद बढ़े जलस्तर के चलते सरगुजा के लुंड्रा विकासखंड में स्थित ग्राम पंचायत गेरसा का बांध आज सुबह टूट गया। बांध के टूटने से निचले क्षेत्र में लगभग 30 एकड़ फसल पानी में डूबने की आशंका जताई जा रही है, जिससे स्थानीय किसान और ग्रामीण चिंतित हैं।

बांध टूटने की घटना

सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे जब चरवाहे अपने मवेशी चराने जंगल की ओर जा रहे थे, उन्हें तेज बहाव की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि बांध के एक साइड गेट पर सुराख बन गया था, जो धीरे-धीरे फैलते हुए लगभग 3 मीटर चौड़ा हो गया और बांध का हिस्सा टूट गया। अचानक पानी फैल जाने से क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया।

प्रशासन और एरिगेशन विभाग की प्रतिक्रिया

घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर और एरिगेशन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि पानी की अधिकता के कारण फिलहाल कोई ठोस बचाव कार्य नहीं किया जा सका। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिट्टी का कटाव जारी रहा तो बांध का और हिस्सा क्षतिग्रस्त हो सकता है। पानी का स्तर कम होने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।

गेरसा बांध का इतिहास

गेरसा जलाशय बांध का निर्माण 1991-92 में किया गया था। तीन दशक पुराने इस बांध की मजबूती पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अब बांध टूटने से न केवल ग्रामीणों की फसलों पर खतरा बढ़ गया है, बल्कि इलाके में जलभराव और सुरक्षा संबंधी संकट भी पैदा हो गया है।

Tags :

#CG NEWS

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts