Sat, 06 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

विश्व पर्यावरण दिवस पर संगोष्ठी; शिक्षाविदों को मिला ‘वसुंधरा गौरव सम्मान’

बहुत देर से इंतजार कर रही, परेशान मत हो', UPSC का सपना लेकर पहुंची छात्रा का कलेक्टर ने जीता दिल तो हो गई भावुक

भारत-चीन सीमा विवाद पर पुतिन का बड़ा बयान, बोले- बाहरी दखल उचित नहीं, PAKISTAN को लेकर भी कही बड़ी बात

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: वोटिंग से पहले मैदान से हटे MVA के उम्मीदार, 17 में से 6 सीटों पर महायुति को बिना लड़े मिल

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन की रणनीति बदली, अभिजीत दीपके ने समर्थकों से एयरपोर्ट न आने की अपील की

अन्नामलाई ने बीजेपी को अलविदा कहा: पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस्तीफा स्वीकार किया

होम-कार लोन पर नहीं बढ़ेगी आपकी EMI, रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा

मालवीय नगर अग्निकांड के बाद सख्ती: महिपालपुर के 250 होटलों पर सीलिंग का खतरा, बिना लाइसेंस चल रहा कारोबार

पत्नी से अफेयर के शक में बाउंसर की हत्या : पत्थर से सिर कुचलकर उतारा मौत के घाट, फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

सीएम साय ने बिलासपुर को 134 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात

सूचना

: स्वास्थ्य विभाग का दोहरा मापदंड, झोलाछाप के इंजेक्शन से मौत पर डॉक्टर को जेल, स्वास्थ्य कर्मचारी के इंजेक्शन से मौत पर अभय दान क्या ?

Share:
ABN EXPRESS NEWS 24x7 आंगनबाड़ी केंद्र पर टीका लगने के बाद 2 मासूम की मौत, स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ करेगा कार्यवाही ? बिलासपुर – विगत कुछ दिनों पूर्व स्वास्थ्य विभाग कि कर्मचारी द्वारा बड़ी लापरवाही देखने को मिला है. जिसमे की कोटा क्षेत्र के एक ग्राम पंचायत पर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र मे टीका लगने के बाद 2 बच्चों की मौत हो चुकी है. बताया जाता है कि कुल 7 बच्चों को टीका लगाया गया था. जिसमें से अब तक 2 बच्चों की जान जा चुकी है. वहीं स्वास्थ्य विभाग ने बाकी पांच बच्चों को ऑब्जरवेशन के लिए सी. एच. सी में भर्ती किया गया है. घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने चुप्पी साध लिया है. गौरतलब है कि कोटा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पटैता कोरी पारा मे आंगनबाड़ी केंद्र पर टीका लगाने से डेढ़ माह एवं 2 दिन के बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. और कुछ घंटे बाद उनकी मौत हो गई. आम जनता के बीच इस घटना को लेकर चर्चा हो रही है कि यह स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नतीजा है जिसके वजह से दो बच्चों की जान चली गई.

स्वास्थ्य विभाग का दोहरा मापदंड

छत्तीसगढ़ प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग का दोहरा मापदंड देखने को मिलता है. अगर बात किया जाए झोलाछाप डॉक्टर की तो इनके द्वारा अगर अगर इलाज के दरमियान किसी मरीज की मौत हो जाती है तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा उस झोलाछाप डॉक्टर की विरुद्ध संबंधित थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाता है. पुलिस फिर विधिवत गिरफ्तारी कर जेल दाखिल करने के बाद मामले पर चालान तैयार कर कोर्ट में पेश करती है. वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की बात किया जाए तो उनकी लापरवाही से अगर किसी मरीज की जान जाती है तो उनके खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण नहीं बनता है इसके अलावा बात करें विभागीय कार्यवाही को लेकर तो जांच के नाम पर खाना पूर्ति करना इनके लिए आम बात है.

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts