Sat, 16 May 2026
Logo

ब्रेकिंग

शिक्षा: लक्ष्य से परिणाम तक का खतरनाक सफर

शनि जयंती : कर्म, कालचेतना एवं ब्रह्मांडीय संतुलन का वैदिक, दार्शनिक और वैज्ञानिक विमर्श

छत्तीसगढ़: कोरबा में हाथियों का तांडव, फसलों को भारी नुकसान

अघोषित आपातकाल की ओर बढ़ रहा देश’— जयसिंह अग्रवाल का केंद्र सरकार पर हमला, महंगाई-ईंधन संकट पर उठाए सवाल...

’छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की पुनर्विकास योजनाओं (Re-development) में तेजी, शासन स्तर पर वि

रायपुर : ’इकोनॉमी के विकास के लिए वैल्यू एडिशन आधारित उत्पादन करना होगा -राज्यपाल डेका’

पति पत्‍नी और वो दो' मूवी रिव्‍यू

नमाज नहीं, लंदन से आएगी वाग्देवी की मूर्ति, भोजशाला परिसर मंदिर है, एमपी हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने दिल्ली में अमित शाह से की मुलाकात

आज का मौसम 15 मई: अगले 24 घंटे के अंदर 10 राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट, 70 KM की रफ्तार से चलेगी हवा IMD की चेतावनी

सूचना

: आजादी के 77 साल बाद नक्सल इलाके में पहली बार पहुंची बस, नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

Admin / Thu, May 22, 2025 / Post views : 194

Share:

गढ़चिरौली जिले के एक आदिवासी गांव कटेझारी में अब सार्वजनिक परिवहन की सुविधा होगी क्योंकि हाल ही में सरकारी बस गांव में पहुंच गई है.

गढ़चिरौली. महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के आदिवासी गांव कटेझारी में अब सरकारी बस सेवा शुरू होगी. जिससे स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और आर्थिक अवसरों तक पहुंच में सुधार होगा. स्थानीय निवासी और अधिकारी इसे एक ऐतिहासिक घटना बता रहे हैं. आजादी के बाद पहली बार अब जाकर एक यात्री बस महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के एक सुदूर नक्सल प्रभावित गांव में पहुंची. इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आर्थिक अवसरों और समग्र विकास तक पहुंच में सुधार करना है. इंटरनेट यूजर्स ने इसे अलग-थलग और दुर्गम गांव के लिए एक मील का पत्थर बताया और इस क्षेत्र से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने और इसे मुख्यधारा में लाने के लिए नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की. कई लोगों ने गांव में बस के प्रवेश के वीडियो साझा किए और स्थानीय निवासियों ने इसे ‘केवल एक सुविधा से अधिक’ बताया. गांव के निवासियों ने बस के आगमन पर खुशी मनाई और कहा कि 1947 के बाद यह पहली बार है कि उनका गांव सार्वजनिक परिवहन से जुड़ा है. द हिंदू द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि नई बस सेवा नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि यह सेवा अवसरों का प्रवेश द्वार है. उप-विभागीय पुलिस अधिकारी जगदीश पांडे ने द हिंदू को बताया कि ‘यह सिर्फ एक बस नहीं है, बल्कि इस गांव के लोगों के साथ-साथ आसपास के 10 गांवों के निवासियों के लिए विकास का साधन है, जो इससे शिक्षा और रोजगार का लाभ उठा सकते हैं.’  

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts