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पांच लाख रुपये रातों-रात 2.5 करोड़ में बदल जाएंगे…’ इसी लालच ने तीन युवकों की जान ले ली। छत्तीसगढ़ के कोरबा में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर तीन लोगों की मौत ने पूरे जिले को हिला दिया है। तीनों युवक बिजनेसमैन थे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।वहीं, तांत्रिक राजेंद्र कुमार उर्फ बैगा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि तांत्रिक बैगा ने कोरबा के कबाड़ कारोबारी मोहम्मद अशरफ मेमन, डेयरी कारोबारी सुरेश साहू और दुर्ग के नीतीश कुमार को तांत्रिक क्रिया के जरिए रकम बढ़ाने का झांसा दिया। सभी के बीच 5 लाख रुपये से बनने वाले कथित 2.5 करोड़ रुपये बांटे जाने थे। इसके लिए कुदरी स्थित एक फार्महाउस के विशेष कमरे को अनुष्ठान स्थल बनाया गया।
एक अधिकारी के मुताबिक, पुलिस की शुरुआती जांच में तीनों के गले पर दबाव और खरोंच जैसे निशान मिले हैं, जिससे गला घोंटने का शक मजबूत होता है। वहीं पुलिस जहर देने की आशंका से भी इंकार नहीं कर रही। असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। परिवारवालों का कहना है कि तीनों को प्रताड़ित किया गया है और एक प्रत्यक्षदर्शी, जिसने शव अस्पताल पहुंचाए, उसकी भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, तांत्रिक क्रिया बुधवार रात करीब 11 बजे शुरू हुई. राजेंद्र अपने 3-4 साथियों के साथ बिलासपुर से धूपबत्ती, नींबू, मंत्रों की किताबें, रस्सियां, चाकू, पत्ते और नकदी लेकर फार्महाउस पहुंचा। तीनों युवकों को अलग-अलग कमरों में ले जाया गया, जहां उन्हें एक-एक नींबू दिया गया और कमरे की जमीन पर रस्सी से घेरा बनाया गया।
मुख्य आरोपी राजेंद्र बैगा- इसी ने पूरा अनुष्ठान किया
बिलासपुर से आए चार साथी. ये सामग्री लाए थे और कमरों को बंद किए थे.
पांचवां संदिग्ध वही व्यक्ति, जिसने तांत्रिक को फार्महाउस तक पहुंचाया।
(इन पांचों को 11 दिसंबर को हिरासत में लिया गया है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक सैंपल, डिजिटल लोकेशन और जहर के ट्रेस की जांच की जा रही है। )
मंत्रोच्चारण और धूप जलाने के बाद कमरों को 30 मिनट से 1 घंटे तक बंद रखा गया, दावा किया गया कि इस दौरान पैसा जादुई रूप से बढ़ेगा, लेकिन जब दरवाजे खोले गए, तो तीनों व्यक्ति अंदर मृत पड़े मिले। परिजनों के अनुसार, एक शव के मुंह में नींबू भी पाया गया। पूरा अनुष्ठान करीब दो घंटे तक चला और आशंका है कि हत्या बंद कमरों के भीतर ही की गई।
एसपी सिद्धार्थ तिवारी के
निर्देशन में सिविल लाइन और उरगा थाना टीम जांच कर रही है। डॉग स्क्वॉड व एफएसएल टीम ने सैंपल एकत्र किए, पुलिस इसे मनी डबलिंग फ्रॉड के साथ-साथ अंधविश्वास आधारित हत्या मान रही है, हालांकि अशरफ मेमन के पुराने कारोबारी विवाद को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
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