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Odisha : पुरी में देवस्नान पूर्णिमा की धूम: मुख्यमंत्री मोहन माझी समेत हजारों श्रद्धालुओं ने किए महाप्रभु के दर्शन

Abhyuday Bharat News / Mon, Jun 29, 2026 / Post views : 1

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Odisha Desk, पुरी: ओडिशा की धार्मिक नगरी पुरी में सोमवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्री जगन्नाथ मंदिर के ‘बड़ा दांड’ (ग्रैंड रोड) पर महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की पवित्र ‘स्नान यात्रा’ के भव्य दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे। इस पावन अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पुरी के सांसद संबित पात्र भी महाप्रभु के दर्शन के लिए मौजूद रहे।

महाप्रभु के अलौकिक और दिव्य रूप के दर्शन पाकर मुख्यमंत्री मोहन माझी भावुक हो गए और उन्होंने खुद को बेहद सौभाग्यशाली बताया।

मुख्यमंत्री मोहन माझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव साझा करते हुए लिखा:

“पवित्र देवस्नान पूर्णिमा के पावन क्षणों में स्नान वेदी पर चतुर्धामूर्ति के अलौकिक दर्शन पाकर मुझे असीम सौभाग्य की अनुभूति हुई है। महाप्रभु की असीम कृपा और आशीर्वाद हर किसी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और प्रगति लेकर आए, भगवान जगन्नाथ के कमल चरणों में मेरी यही प्रार्थना है।”

इससे पहले दिन की शुरुआत में, मंगला आरती के संपन्न होने के बाद मूर्तियों को एक भव्य और पारंपरिक ‘पहांडी’ जुलूस के जरिए ‘स्नान मंडप’ तक लाया गया। मंदिर परिसर के भीतर स्थित यह स्नान मंडप पूर्व दिशा की ओर ‘बड़ा दांड’ के सामने है, जहां आज के सभी मुख्य अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। स्नान यात्रा से पहले दइतापति (विशेष सेवादार) द्वारा मूर्तियों को ‘बउल’ लकड़ी से बने एक विशेष बॉडी आर्मर यानी ‘सेनापट्टा’ (सुरक्षा कवच) पहनाया गया।

परंपरा के अनुसार, स्नान मंडप पर महाप्रभु को मंदिर परिसर के अंदर स्थित सोना कुआं’ (स्वर्ण कुआं) से निकाले गए सुगंधित हर्बल पानी के 108 कलशों से स्नान (देवस्नान) कराया जाएगा। इस दिव्य स्नान से ठीक पहले सेवादारों द्वारा कई तरह के जटिल और बेहद प्राचीन अनुष्ठान पूरे किए जा रहे हैं।

भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा उत्सव के चक्र में स्नान यात्रा का बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण स्थान है। इस पावन ‘देवस्नान पूर्णिमा’ पर महाप्रभु का आशीर्वाद लेने और इस दिव्य पल का साक्षी बनने के लिए न केवल ओडिशा, बल्कि देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं।

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