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ABN NEWS :- देश दुनिया : भारत ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार, अभी केवल संघर्ष विराम…NDA की पासिंग-आउट परेड में बोले सेना प्रमुख

Abhyuday Bharat News / Sat, May 30, 2026 / Post views : 222

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सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। फिलहाल केवल संघर्ष विराम जैसी स्थिति है। अगर जरूरत पड़ी तो तीनों सेनाएं ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के लिए पूरी तरह तैयारी कर रही हैं। आर्मी चीफ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक बेंचमार्क सेट कर दिया है कि भारत किसी भी उकसावे पर कैसे जवाब देता है. कैडेट्स अपने करियर की शुरुआत से ही इस बेंचमार्क को बनाए रखें।

ये बातें सेना प्रमुख ने पुणे के खड़कवासला में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की 150वीं पासिंग आउट परेड के दौरान कहीं। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी परेड की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर कुल 353 कैडेट्स एनडीए से स्नातक (Graduate) होकर भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने की दिशा में आगे बढ़े। इनमें 18 महिला कैडेट्स और 12 मित्र देशों के 24 विदेशी कैडेट्स भी शामिल थे। यह भव्य समारोह खेतरपाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया था।

42 साल पहले खुद हुए थे पास

इस दौरान सेना प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि यह अवसर उनके लिए भी बेहद भावनात्मक है, क्योंकि 42 साल पहले वह खुद इसी परेड ग्राउंड से पास आउट हुए थे। उन्होंने कहा कि एनडीए केवल एक प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ऐसे जवानों को बनाने वाली संस्था है जो जीवनभर राष्ट्रसेवा के मूल्यों को साथ लेकर चलते हैं।

कैडेट्स और पुरस्कार विजेताओं को बधाई

सेना प्रमुख ने परेड कमांडर, सभी कैडेट्स और पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने विदेशी कैडेट्स को कहा कि वह भले ही अलग-अलग देशों से आए हों, लेकिन एनडीए के साझा मूल्यों और प्रशिक्षण ने उन्हें एक सूत्र में बांधा है, जो भविष्य में देशों के बीच मित्रता और सहयोग को मजबूत करेगा।

ऑपरेशन सिंदूर का किया ज़िक्र

अपने संबोधन में जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज का सुरक्षा वातावरण तेजी से बदल रहा है। खतरे अब केवल पारंपरिक युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित किया कि भारत उकसावे का जवाब सटीकता, समन्वय और दृढ़ संकल्प के साथ देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में दिखाई गई संयुक्त सैन्य क्षमता की नींव एनडीए में मिलने वाले त्रि-सेवा प्रशिक्षण में मिलती है।

अच्छे अधिकारी के तीन गुण बताए

सेना प्रमुख ने कहा कि एक सफल जवान बनने के लिए तीन गुण सबसे महत्वपूर्ण हैं एटीट्यूड, एडाप्टेबिलिटी और एबिलिटी. उन्होंने कहा कि दृष्टिकोण व्यक्ति का आंतरिक आधार होता है, अनुकूलन क्षमता बदलती परिस्थितियों में स्थिर रहने की ताकत देती है और क्षमता केवल कौशल नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने और दूसरों का विश्वास जीतने की योग्यता है।

युद्ध हमेशा जेंडर न्यूट्रल होता है’

सेना प्रमुख ने पास आउट हो रही 18 महिला कैडेट्स की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला कैडेट्स ने हर मानक को पूरा किया है और परेड मैदान पर वह किसी भी अन्य कैडेट से अलग नहीं दिखतीं. उन्होंने कहा, ‘आने वाले युद्धों में साहस, क्षमता और संकल्प का कोई लिंग नहीं होता। युद्ध हमेशा जेंडर न्यूट्रल होता है’।

परिवारों और प्रशिक्षकों का जताया आभार

जनरल द्विवेदी ने कैडेट्स के परिवारों और प्रशिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि कैडेट्स की सफलता के पीछे उनके त्याग, धैर्य और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आज की उपलब्धि केवल कैडेट्स की नहीं, बल्कि उनके परिवारों और प्रशिक्षकों की भी है।

अपने संबोधन का समापन एनडीए के आदर्श वाक्य “सेवा परमो धर्मः” का उल्लेख करते हुए सेना प्रमुख ने किया। उन्होंने नए अधिकारियों से कहा कि सेवा को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों का पालन करें, क्योंकि देश उनसे सर्वोच्च स्तर की प्रतिबद्धता और नेतृत्व की अपेक्षा करता है।

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