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ABN NEWS :- देश दुनिया : ईरान-अमेरिका को इकट्ठे साध रहा भारत, चाबहार पोर्ट पर दोनों से बातचीत, इसे कहते हैं मास्टरस्ट्रोक!

Abhyuday Bharat News / Mon, Apr 6, 2026 / Post views : 88

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भारत ही ऐसा मुल्क है तो युद्ध के दौरान भी अमेरिका और ईरान के साथ अलग-अलग लेकिन एकसाथ बातचीत में जुटा हुआ है। यह बातचीत चाबहार बंदरगाह में भारत के राष्ट्रीय हित को सुरक्षित रखने के लिए हो रही है।

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध के बीच भारत दोनों देशों के साथ इकट्ठे बातचीत में लगा हुआ है। भारत की इन कोशिशों का इस युद्ध से सीधे-सीधे कोई लेना-देना नहीं है। यह बातचीत ईरान के चाबहार बंदरगाह के प्रबंधन को लेकर हो रही है, जो भारत के राष्ट्रहित के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है और युद्ध ने इसका संकट और भी बढ़ा दिया है।

ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से चाबहार बंदरगाह में भारत के हित पर पहले से मंडरा रहा संकट और गंभीर हो चुका है। हालांकि, अभी तक अमेरिका या इजरायल ने यहां कोई बड़ा हमला नहीं किया है। लेकिन, भारत की चिंता इस बात को लेकर है कि अमेरिका ने जो भारत के लिए चाबहार बंदरगाह को लेकर प्रतिबंधों में अभी छूट दे रखी है, उसकी मियाद इसी महीने खत्म होने वाली है।

चाबहार के प्रबंधन पर अमेरिका-ईरान से बात

इस मामले की जानकारी रखने वालों ने हमारे सहयोगी अंग्रेजी अखबार ET को बताया है कि भारत, अमेरिका से प्रतिबंधों में छूट की सीमा बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहा है। यह प्रक्रिया युद्ध से पहले से चल रही है। इसके साथ ही साथभारत सरकार ईरान से भी चर्चा कर रहीहै, ताकि अगर अमेरिका प्रतिबंधों में छूट की मियाद फिलहाल नहीं बढ़ाता है तो कोई लोकल कंपनी लीगल गारंटी देकर इसका फिलहाल संचालन करे

ईरान से लोकल कंपनी से लीगल गारंटी पर बात

ईरान के साथ लीगल गारंटी पर हो रही बातचीत का एजेंडा ये है कि अगर अमेरिका बंदरगाह पर प्रतिबंधों को खत्म कर देता है या भारत को दी गई प्रतिबंधों पर छूट की मियाद को आगे बढ़ाने के लिए राजी हो जाता है तो फिर वह लोकल कंपनी संचालन का अधिकार वापस भारत को दे देगी।

इसी महीने खत्म हो रही छूट की समय-सीमा


चाबहार प्रबंधन के लिए 2034 तक का समझौता

  • ET ने जनवरी में यह रिपोर्ट भी दी थी कि इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) चाबहार बंदरगाह के प्रबंधन के लिए किसी स्थानीय कंपनी के साथ करार कर सकता है।

  • रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि इस करार में लीगल गारंटी का प्रावधान होगा, जिसके तहत जब प्रतिबंध खत्म हो जाएंगे या प्रतिबंध में छूट की सीमा अमेरिका बढ़ाने का फैसला करता है तो प्रबंधन का अधिकार ईरान की लोकल कंपनी फिर से भारत को ट्रांसफर कर देगी।

  • इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) ने 2024 में ईरान के साथ चाबहार पोर्ट के प्रबंधन के लिए 10 साल का समझौता कर रखा है।

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# International News

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