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टीएमसी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- ध्यान से सोचने के बाद, यह तय किया गया है कि पश्चिम बंगाल में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की सभी कमेटियां, साथ ही इसके सभी फ्रंटल ऑर्गनाइज़ेशन, तुरंत प्रभाव से भंग कर दिए जाएंगे।
तृणमूल कांग्रेस ने आगे लिखा कि- पार्टी हर लेवल पर आत्मनिरीक्षण, परफॉर्मेंस रिव्यू और ऑर्गेनाइज़ेशनल असेसमेंट की एक पूरी एक्सरसाइज करेगी। इस एक्सरसाइज के नतीजों के आधार पर, पैरेंट बॉडी और सभी फ्रंटल ऑर्गेनाइज़ेशन के ऑर्गेनाइज़ेशनल स्ट्रक्चर को फिर से बनाया जाएगा और सही समय पर इसकी घोषणा की जाएगी। पार्टी अपने ऑर्गेनाइज़ेशन को मज़बूत करने और इसे नए जोश और मकसद के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने के लिए कमिटेड है।
TMC के 16 फ्रंटल ऑर्गनाइजेश
टीएमसी की फ्रंटल संगठन की संख्या लगभग 16 है। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ये संगठन पार्टी के विभिन्न वर्गों जैसे युवा, महिला, छात्र, मजदूर आदि को संगठित करते हैं। कमेटियों की बात करें तो इसमें TMC की मुख्य कार्यकारी कमेटी है। इसके अलावा कोर कमेटी, स्टेट कमेटी, जिला और ब्लॉक कमेटी और अनुशासन समिति है। अब इन सभी का विलय कर दिया गया है और कमेटियों का गठन किया जाएगा।
बागी विधायकों ने टीएमसी पर ठोका है दावा
बता दें कि बंगाल विधानसभा में हार के बाद से पार्टी के अंदर बवाल मचा हुआ है। TMC को फूट का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 80 में से 60 विधायक अलग होकर टीएमसी पर दावा ठोक सकते हैं। हालत यह है कि 15 साल बाद बंगाल की सत्ता गवाने के बाद ममता बनर्जी के सामने अब अपनी पार्टी टीएमसी (TMC) से भी हाथ धोने की नौबत आ गई है। बंगाल की सियासत में हर मुकाम हासिल करने वाली ममता बनर्जी अपनी पार्टी TMC भी गंवाने की कगार पर पहुंच चुकी है।
टीएमसी के बागी विधायक रितब्रता बनर्जी (Ritabrata Banerjee) और संदीपन साहा (Sandipan Saha) ने टीएमसी के करीब 50 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। साथ ही बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने का दावा ठोका है। टीएमसी के बागी विधायक (TMC rebel MLA) रितब्रता बनर्जी और संदीपन साहा विधानसभा पहुंच गए। ये सभी बागी विधायक स्पीकर रथिन घोष को नेता प्रतिपक्ष के चुनाव के संबंध में पत्र सौंपेंगे और यह दावा करेंगे कि वे ही असली TMC है।
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