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Admin / Thu, Sep 5, 2024 / Post views : 290

ABN EXPRESS NEWS 24x7
उत्तर भारत में दलित मूवमेंट खड़ा करने वाले कांशीराम ने जिस पार्टी के ज़रिए बहुजन समाज को सत्ता के गलियारों में स्थापित किया, क्या मायावती वह चमत्कार दोबारा करने की तैयारी में हैं?
पिछले कुछ दिनों में इसको लेकर यूपी की राजनीति में एक बार चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. दरअसल, इस नई उम्मीद की वजह मायावती के पुराने तेवर की वापसी है.
एक अरसे की सियासी चुप्पी के बाद दलित समाज की बड़ी चिंता को आवाज़ देने के लिए मायावती ने फिर बोलना शुरू कर दिया है.
पिछले कुछ सालों के बाद यह पहला मौका तब आया जब मायावती पिछले महीने फिर से पार्टी की अध्यक्ष चुनी गईं.
इस मौके पर मायावती ने न सिर्फ़ केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के एसएसी-एसटी के उपवर्गीकरण वाले फ़ैसले के बहाने घेरा, बल्कि 1995 के गेस्ट हाउस कांड पर कांग्रेस पर चुप रहने का आरोप लगाकर खोई ज़मीन दोबारा हासिल करने के अपने मंसूबे को भी जताया.
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