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चंडीगढ़। पंजाब को जल्द ही अपना स्थायी पुलिस महानिदेशक मिलने जा रहा है। राज्य के स्थायी डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया आज आगे बढ़ने की उम्मीद है। संघ लोक सेवा आयोग ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के पैनल को शॉर्टलिस्ट करने के लिए एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में तीन अधिकारियों का एक पैनल शॉर्टलिस्ट करके पंजाब सरकार को भेजा जाएगा, जिसके बाद राज्य सरकार उनमें से किसी एक अधिकारी को स्थायी डीजीपी नियुक्त करेगी।
बता दें कि गौरव यादव को जुलाई 2022 में पंजाब का कार्यकारी डीजीपी नियुक्त किया गया था, लेकिन उनकी इस नियुक्ति पर बार-बार सवाल खड़े होते रहे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आधार बनाकर पंजाब में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई।
यूपीएससी ने इस साल पंजाब सरकार से स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए योग्य अधिकारियों के नाम मांगे थे। इसके जवाब में अप्रैल महीने में पंजाब सरकार ने यूपीएससी को विचार के लिए 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक सूची सौंपी थी। इस सूची में 1992, 1993 और 1994 बैच के अधिकारी शामिल हैं, जिनमें वर्तमान कार्यकारी डीजीपी गौरव यादव का नाम भी शामिल है।
सरकार द्वारा भेजी गई सूची में 1992 बैच के डॉ. शरद सत्या चौहान सबसे सीनियर अधिकारी हैं। उनके बाद हरप्रीत सिंह सिद्धू, गौरव यादव और कुलदीप सिंह का नाम है। यदि यूपीएससी वरिष्ठता (सीनियरटी) के सिद्धांत का पालन करता है, तो अंतिम तीन सदस्यीय फाइनल पैनल में डॉ. शरद सत्या चौहान, हरप्रीत सिंह सिद्धू और गौरव यादव का शामिल होना लगभग तय माना जा रहा है। यूपीएससी से फाइनल नाम मिलते ही पंजाब सरकार को इन तीनों में से किसी भी एक अधिकारी को राज्य का नया मुखिया चुनने का अधिकार होगा।
1992 बैच
डॉ. शरद सत्या चौहान
हरप्रीत सिंह सिद्धू
गौरव यादव
कुलदीप सिंह
1993 बैच
गुरप्रीत कौर देव
जितेंद्र कुमार जैन
शशि प्रभा द्विवेदी
1994 बैच
सुधांशु शेखर श्रीवास्तव
प्रवीन कुमार सिन्हा
अमरदीप सिंह राय
वी. नीरजा
अनीता पुंज
नरेश कुमार
राम सिंह
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