Mon, 29 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

दिल्ली के अस्पताल से फरार अंडरट्रायल 48 घंटे में गिरफ्तार, बीमारी का बहाना बनाकर हुआ था गायब ; हिमाचल से पकड़ाया

पुरी में देवस्नान पूर्णिमा की धूम: मुख्यमंत्री मोहन माझी समेत हजारों श्रद्धालुओं ने किए महाप्रभु के दर्शन

बेटियों की शादी में मददगार साबित हो रही मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, पात्र परिवारों को मिल रही 71 हजार रुपये तक की सहाय

सोशल मीडिया पर सिख गुरु साहिबान के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला, लुधियाना में पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे निहंग सि

हत्या या कुछ और : लापता बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश, परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

दिल्ली में नई ईवी पॉलिसी 1 जुलाई से लागू होगी, सीएम रेखा गुप्ता ने किया ऐलान, जानें क्या होंगे बड़े बदलाव

CM साय का बड़ा ऐलान: बिजली उपभोक्ताओं को बकाया बिल जमा करने दी गई 3 महीने की अतिरिक्त मोहलत, सरचार्ज पूरी तरह माफ

बिलासपुर सेंट्रल जेल के बंदी की मौत, नहाने के दौरान गिरने से सिर पर आई गंभीर चोट

दिल्ली में MCD टोल टैक्स नियमों में बदलाव की तैयारी, कमर्शियल वाहनों पर हर साल 5% बढ़ोतरी का प्रस्ताव

मोदी कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज: MP से 1 और सांसद बनेंगे केंद्र में मंत्री! रेस में सबसे आगे तरुण चुघ का नाम

सूचना

ABN NEWS :- देश दुनिया : चंद्रग्रहण की तारीख आई करीब, आसमान में दिखेगा अद्भुत खगोलीय नजारा, भारत में दिखेगा? जानें

Abhyuday Bharat News / Fri, May 29, 2026 / Post views : 74

Share:

सबसे बड़ा ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा अपने अपोजी पर पहुंचने के 5.8 दिन बाद यानी उस महीने पृथ्वी से अपनी सबसे दूर की स्थिति पर होता है। यह 27-28 अगस्त का पूर्ण चंद्र ग्रहण सारोस 138 से संबंधित है।

वॉशिंगटन: दुनियाभर में खगोल विज्ञान में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए एक विशेष अवसर आ रहा है। इस साल 27-28 अगस्त को गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण खगोल प्रेमियों को देखने को मिलेगा। यह चंद्र ग्रहण अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों से दिखाई देगा। इसके आलावा अफ्रीका, यूरोप, स्कैंडिनेविया, आइसलैंड, अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड से चंद्र ग्रहण को देखा जा सकेगा। भारत और आसपास के पड़ोसी देश इस ग्रहण को नहीं देख पाएंगे।

सबसे पहले अगर चंद्र ग्रहण को समझा जाए तो ये तब होता है, जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच से गुजरती है। इससे उसकी छाया चंद्रमा की सतह पर पड़ती है। पृथ्वी का वह आधा हिस्सा जो पूर्णिमा के चंद्रमा के सामने है यानी पृथ्वी का वह पूरा आधा हिस्सा जहां रात है। इस चंद्र ग्रहण को देख पाएगा। इस समय में जहां दिन होगा, उनको यह ग्रहण नहीं दिख सकेगा।

सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा सूर्य के सामने से गुजरता है। चंद्र ग्रहण इससे बिल्कुल अलग होता है। यह तब होता है, जब पूर्णिमा का चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है।

खगोल विज्ञान के जानकार

कब शुरू होगा चंद्र ग्रहण

अगस्त में होने वाले ग्रहण के दौरान चंद्रमा का 93 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की गहरी 'अम्ब्रा' (पूर्ण छाया) में प्रवेश कर जाएगा। यानी इसे आंशिक कहा जा रहा है लेकिन 27-28 अगस्त को तकरीबन पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखेगा। ग्रहण जब बढ़ते हुए अपने चरम पर पहुंचेगा तो चंद्रमा के उत्तर-पूर्वी किनारे पर पूर्ण ग्रहण की लाल चमक और चमकीला सफेद धब्बा दिखाई देगा।

28 अगस्त, 2026 को 1:23:32 UTC पर ग्रहण शुरू होगा। पृथ्वी की हल्की उपच्छाया चंद्रमा के चेहरे को पार करना शुरू कर देगी। ऐसा लगेगा जैसे चंद्रमा के एक किनारे से कोई छोटा लेकिन गहरा टुकड़ा काट लिया गया हो। 4:41:48 UTC पर चंद्रमा का 93% हिस्सा लगभग पूरा ही पृथ्वी की गहरी छाया से ढक जाएगा।

ग्रहण कितनी देर तक चलेगा?

शुरू से आखिर तक यह ग्रहण 339 मिनट तक चलेगा। चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया में आंशिक ग्रहण के दौरान 199 मिनट तक रहेगा। सारोस कैटलॉग ग्रहणों की आवधिकता का वर्णन करता है। यह 27-28 अगस्त का पूर्ण चंद्र ग्रहण सारोस 138 श्रृंखला का हिस्सा है। यह इस श्रृंखला के कुल 82 ग्रहणों में से 29वां ग्रहण है।

पूर्णिमा का चंद्रमा केवल रात में ही दिखाई देता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण पृथ्वी के उन सभी हिस्सों से दिखाई देता है, जहां ग्रहण के समय रात होती है। लेकिन स्थान के आधार पर कुछ लोग ग्रहण को दूसरों की तुलना में साफ तरह से देख पाएंगे। उदाहरण के लिए कुछ लोग इसे चंद्रमा के उगने या डूबने के समय देखेंगे, जब चंद्रमा आसमान में नीचे होता है।

Tags :

#breking news

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts