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: सफर के दौरान टॉयलेट गया... तो धोने को नहीं म‍िला पानी, तो ठोक द‍िया केस, जानें कंज्‍यूमर कोर्ट का फैसला

Admin / Thu, Oct 31, 2024 / Post views : 244

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  • ABN Express News 24x7 

एक शख्स ने रेल के एसी कोच में सफर के दौरान टॉयलेट में पानी नहीं होने की शिकायत की. जिसके बाद उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग ने उस शख्स को 25,000 रुपये का हर्जाना दिए जाने का आदेश दिया.

विशाखापत्तनम. विशाखापत्तनम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) को एक यात्री और उसके परिवार को शारीरिक और मानसिक पीड़ा के लिए 25,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है. इन लोगों ने तिरुमाला एक्सप्रेस में एयर कंडीशनिंग की कमी और शौचालयों में पानी नहीं होने के कारण पीड़ित होने की शिकायत की थी. आयोग की पीठ ने फैसला सुनाया कि चूंकि रेलवे ने सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का वादा करके टिकट का किराया वसूला है, इसलिए उसे शौचालय में पानी, एसी और माहौल जैसी न्यूनतम सुविधाएं प्रदान करना अनिवार्य है. कोर्ट ने कहा कि सुविधाएं प्रदान करने में विफल होना सेवा में कमी के बराबर है. आयोग ने रेलवे को कानूनी लागत के रूप में अतिरिक्त 5,000 रुपये का भुगतान करने के लिए भी कहा. विजाग शहर के मूल निवासी शिकायतकर्ता वी मूर्ति (55) ने बताया कि उन्होंने तिरुपति रेलवे स्टेशन से विशाखापत्तनम तक तिरुमाला एक्सप्रेस ट्रेन में आरामदायक और तनाव मुक्त यात्रा के लिए चार 3AC टिकट आरक्षित किए थे. उन्हें बी-7 कोच में बर्थ आवंटित की गई थी. बाद में मूर्ति को रेलवे से एक संदेश मिला जिसमें कहा गया था कि 3A के बजाय 3E में सीट आवंटित किया गया है.  

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