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Abhyuday Bharat News / Thu, Apr 9, 2026 / Post views : 157
आयुर्वेद में एक्सफोलिएशन का मतलब सिर्फ डेड स्किन को हटाना नहीं होता, बल्कि ये 'उद्वर्तन' (उबटन) करने का वो सौम्य तरीका है, जो बढ़े हुए कफ को कम करता है और स्किन के स्लो मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है। इससे 'आम' (अमा या टॉक्सिन्स) को खत्म करने, रक्त संचार को बेहतर बनाने और शारीरिक दोषों को संतुलित करने में मदद मिलती है।
नैचुरल एक्सफोलिएटर्स स्किन की ऊपरी परत से डेड सेल्स, गंदगी और जमे हुए टॉक्सिन्स को साफ करते हैं। इससे स्किन बेहतर तरीके से ब्रीद कर पाती है।
ये प्रक्रिया त्वचा की प्राकृतिक अग्नि को भी सहारा देती है, जिससे ब्लड फ्लो/ सर्कुलेशन में सुधार आता है और ग्लो बढ़ता है।
एक्सफोलिएशन करने के बाद नरिशिंग ऑयल और मॉइस्चराइजर भी ज्यादा बेहतर तरीके से एब्जॉर्ब होते हैं, जिससे टेक्सचर सुधरता है और कोमलता बढ़ती है।
रेग्युलर और जेंटल एक्सफोलिएशन से बंद पोर्स, डलनेस और स्किन इम्बैलेंस की समस्याएं भी दूर होती हैं।
ये तरीका तब और भी ज्यादा बेहतर रिजल्ट देता है, जब स्क्रब्स को व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति के अनुसार तैयार किया गया हो।
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ड्राई स्किन के लिए आयुर्वेदिक स्क्रब
इस तरह की स्किन वात प्रकृति वाली होती है, जिस वजह से ये स्वाभाविक रूप से रूखी, खुरदरी और बेजान नजर आती है। इसके संतुलन को वापस लाने के लिए ऑयल बेस्ड और नरिशिंग स्क्रब्स फायदेमंद होते हैं।
बेसन
शहद
बादाम का तेल
गुलाब जल
3 बड़े चम्मच बेसन में 2 बड़े चम्मच बादाम का तेल मिलाएं
मिक्स में 1 बड़ा चम्मच शहद डालें
पेस्ट को लिक्विड टेक्सचर देने के लिए गुलाब जल मिलाएं।
बेसन स्किन के नैचुरल ऑयल को हटाए बगैर अशुद्धियों को साफ करता है
बादाम का तेल स्निग्ध गुण से भरपूर होने के चलते त्वचा को कोमल बनाता है
ऑयल से स्किन की इलास्टिसिटी बढ़ती है और टेक्सचर भी सुधरता है
नैचुरल ह्यूमेक्टेंट होने के कारण शहद त्वचा को हाइड्रेट बनाए रखने में मदद करता है
गुलाब जल स्किन को कूलिंग देने में मददगार साबित होता है
इस मिक्स से स्किन की जेंटल क्लीनिंग होती है और डेट सेल्स रिमूव होते हैं
स्किन हेल्दी और ग्लोइंग नजर आती हैं।
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ऑयली स्किन पित्त प्रधान और अत्यधिक संवेदनशील होती है। इसमें इन्फ्लेमेशन का जोखिम भी ज्यादा रहता है। इसी वजह से इसके लिए ऐसे जेंटल और लाइट एक्सफोलिएटर की जरूरत होती है, जिसमें शीत गुण हो।
गुलाब जल
मुल्तानी मिट्टी
एलोवेरा जेल
शहद
3 बड़े चम्मच मुल्तानी मिट्टी में 2 बड़े चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं
इसमें 1 बड़ा चम्मच शहद ऐड करें
मिक्स में 2 बड़े चम्मच गुलाब जल डालें
सभी को तब तक मिक्स करें, जब तक स्मूद पेस्ट नहीं बन जाता।
(नोट: मुल्तानी मिट्टी की जगह चंदन पाउडर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसके इस्तेमाल से त्वचा में मौजूद अतिरिक्त पित्त शांत होता है, जो इन्फ्लेमेशन दूर करता है
मुल्तानी मिट्टी त्वचा में गहराई से जाते हुए एक्स्ट्रा ऑयल को सोखती है
एलोवेरा स्किन को ठंडक देने का काम करता है
शहद से स्किन हाइड्रेशन बना रहता है
गुलाब जल स्किन को ताजगी और टोन लुक देने में मददगार साबित होता है
इसके इस्तेमाल से तत्वों का संतुलित जब बनता है, तो स्किन को हील होने में मदद मिलती है
ये पोर्स को क्लॉग किए बगैर स्किन ग्लो को बढ़ाने का काम करता है।
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इस तरह की त्वचा में कफ और वात दोनों का प्रभाव नजर आता है। इस वजह से सिर्फ जेंटल एक्सफोलिएटर ही इसके लिए बेस्ट ऑप्शन है, जो स्किन को इरिटेट किए बगैर उसे गहराई से साफ कर सके।
ओट्स
शहद
दूध
एलोवेरा जेल
2 बड़े चम्मच बारीक पिसे हुए ओट्स एक कटोरे में डाल लें
ओट्स में 1 बड़ा चम्मच शहद ऐड करें
1-2 बड़े चम्मच दूध डालें, इसकी जगह इतनी ही मात्रा में पानी भी डाला जा सकता है
थोड़ी सी मात्रा में एलोवेरा जेल डाल लें
इस मिक्स को अच्छे से फेंट लें।
(नोट: ओट्स की जगह चावल के आटे का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।)
ओट्स स्किन इरिटेशन को शांत करने में मदद करते हैं
स्किन हीलिंग तेजी से होती है
शहद स्किन को हाइड्रेट करता है
दूध में मौजूद नैचुरल एंजाइम स्किन को जेंटली एक्सफोलिएट कर डेड स्किन रिमूव करते हैं
एलोवेरा त्वचा को ठंडक देकर उसे शांत करता है
स्किन सॉफ्ट और स्मूद बनती है।
त्वचा को हल्के गुनगुने पानी से साफ करें। इससे पोर्स ओपन होंगे और स्किन ज्यादा डीप क्लीन हो सकेगी।
तैयार स्क्रब की थोड़ी सी मात्रा लें और 3 से 5 मिनट तक हल्के हाथों से ऊपर की ओर गोल-गोल घुमाते हुए मालिश करें।
कोहनी, घुटनों और एड़ियों जैसे खुरदुरे हिस्सों पर विशेष ध्यान दें और प्रेशर भी हल्का सा बढ़ा लें।
गुनगुने पानी से वॉश करें और फिर सॉफ्ट तौलिए की मदद से थप-थपाकर त्वचा को सुखा लें।
स्किन जब थोड़ी मॉइस्ट हो, तभी बॉडी ऑयल या मॉइस्चराइजर लगा लें। ये स्किन को और हाइड्रेट करेगा।
ये एक्सफोलिएटर्स भले ही नैचुरल चीजों से बने हों, लेकिन इनका सप्ताह में सिर्फ एक या दो बार ही इस्तेमाल करें। ज्यादा इस्तेमाल से स्किन में जलन और इरिटेशन जैसी परेशानी हो सकती है। इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट भी जरूर करें। इसके लिए थोड़ी सी मात्रा में मिक्स को बांह के अंदरूनी हिस्से पर इस्तेमाल करें। 24 घंटे का इंतजार करें और देखें कि कोई रिएक्शन तो नहीं हुआ है। स्क्रब का टेक्सचर हमेशा स्मूद या फिर बेहद बारीक रखें, ताकि स्किन को नुकसान न हो।
कटी-फटी त्वचा, एक्टिव रैशेज, फ्लेयर अप एक्जिमा और मुहांसों पर स्क्रब का उपयोग न करें, नहीं तो स्किन की कंडिशन और खराब हो सकती है। अगर स्क्रब लगाने के बाद किसी भी तरह का स्किन इरिटेशन महसूस होता है, तो उसे तुरंत धो लें। परेशानी बनी रहे या फिर बढ़ जाए, तो मेडिकल सहायता लें।
हमारी टीम हेल्थ और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार रिसर्च करती है और भरोसेमंद स्रोतों के आधार पर कंटेंट तैयार करती है। हर आर्टिकल अनुभवी मेडिकल एक्सपर्ट्स द्वारा रिव्यू किया जाता है, ताकि आपको सही, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी मिल सके।
वर्तमान संस्करण
Apr 08, 2026, 05:34 PMMedically Reviewed byDr. Dr Shrinivasa Pandey
Apr 08, 2026, 05:34 PMWritten by
नवल सिंह
अभ्युदय भारत न्यूज
Tags :
#LIFESTYLE
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