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Abhyuday Bharat News / Wed, Apr 1, 2026 / Post views : 59
नई दिल्ली: अप्रैल का महीना आ चुका है। इसी के साथ मौसम का मिजाज बदलने लगा है। गर्मी का दौर तेज होने के आसार हैं। ऐसे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने भीषण गर्मी और लू को लेकर भविष्यवाणी की है। IMD के मुताबिक, भारत के कई हिस्सों में इस बार अप्रैल से जून के बीच गर्मी टेंशन बढ़ाने जा रही। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, रातें सामान्य से ज्यादा गर्म रहेंगी। साथ ही, मौसम विभाग ने पूर्वी, पूर्वोत्तर और तटीय प्रायद्वीपीय भारत में नॉर्मल से ज्यादा लू चलने का अनुमान जताया है। ये टाइमिंग 2 से 8 दिन ज्यादा हो सकते हैं।
IMD के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अप्रैल से जून के दौरान राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब समेत 16 राज्यों में सामान्य से ज्यादा लू चल सकती है। इनमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तटीय तमिलनाडु और उत्तरी कर्नाटक भी शामिल हैं। इन राज्यों में भीषण गर्मी के साथ -साथ लू के थपड़े ज्यादा दिनों तक चलने के आसार हैं। दिल्ली-NCR में भी भीषण गर्मी और लू वाले दिन इस साल ज्यादा रहेंगे।
वहीं बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अहम अपडेट दिया है। आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी भारत सहित कई हिस्सों में अप्रैल महीने में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। देश के जिन हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है, वहां रातें सामान्य से ज्यादा गर्म रहने की संभावना है। मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग प्रमुख ने इस समय मॉनसूनी मौसम के बारे में कुछ भी कहने से परहेज किया।
इस सीजन अप्रैल से जून के दौरान, देश के ज्यादातर हिस्सों में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने के आसार हैं। हालांकि, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हालात बदलेंगे। यहां न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है।
IMD प्रमुख मृत्युंजय महापात्
मॉनसून पर क्या पड़ेगा अल नीनो इफेक्ट?
वहीं मॉनसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) के ताजा पूर्वानुमान से पता चलता है कि अप्रैल से जून के दौरान अल नीनो-साउदर्न ऑस्किलेशन (ENSO) की स्थितियां तटस्थ रहेंगी। IMD ने कहा कि उसके बाद, अल नीनो की स्थितियां बनने की संभावना धीरे-धीरे बढ़ जाती है। यह इस बात का संकेत है कि बारिश पर इसका बुरा असर मॉनसून के मौसम के बाद वाले हिस्से, यानी अगस्त-सितंबर में पड़ सकता है।
IMD ने उम्मीद जताई है कि वो इस साल के मॉनसून की बारिश के बारे में अपनी पहले फेज की भविष्यवाणी अप्रैल के मध्य में जारी कर सकता है। मौसम विभाग के डेटा से पता चला कि मार्च में कई राज्यों में खराब मौसम की घटनाओं के कारण 45 लोगों की मौत हुई। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, असम, छत्तीसगढ़ और केरल में बिजली गिरने से सबसे ज्यादा 32 लोगों की जान गई।
मार्च के मौसम पर आईएमडी चीफ ने कहा कि इस दौरान आठ पश्चिमी विक्षोभ ने भारत को प्रभावित किया
सामान्य तौर पर यह संख्या पांच से छह होती है
11 से 31 मार्च के बीच छह पश्चिमी विक्षोभों ने उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित किया
इससे देश के उत्तर-पश्चिमी और उससे सटे मध्य हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई
मार्च महीने में देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर गरज-चमक के साथ बारिश वाली गतिविधियां मुख्य रूप से महीने के दूसरे पखवाड़े में हुईं
इसके कारण भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में गिरावट आई।
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#मौसम विभाग
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