ब्रेकिंग
सूचना
Abhyuday Bharat News / Tue, Dec 23, 2025 / Post views : 162
फ्री में विदेश घूमने और चंद रुपयों की लालच ने दो महिलाओं को ऐसे दलदल में धकेल दिया, जहां से वापसी का रास्ता केवल सलाखों के पीछे जाता है। एयरपोर्ट पर जब इन महिलाओं की तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के पैरों तले मानो जमीन ही खिसक गई। दरअसल, इन्होंने अपने शरीर के सबसे निजी अंगों को चलता-फिरता गोदाम बना रखा था।
मामला ताइवान के कौशुंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है। हवाई अड्डे पर जब 30 और 38 साल की इन दो थाई महिलाओं को रोका गया, तो वे पहले तो एक आम टूरिस्ट की तरह बिहेव कर रही थीं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों के सामने वे अधिक समय तक अपनी घबराहट छिपा नहीं पाईं, और पकड़ी गईं।
ईटी टुडे और ताइवान की सेंट्रल न्यूज एजेंसी (सीएनए) के अनुसार, यह घटना सितंबर की शुरुआत में हुई थी। जब एयरपोर्ट अथॉरिटी उन्हें हॉस्पिटल ले गई और एक्स-रे कराया, तो शरीर के अंदर का नजारा देखकर डॉक्टर्स भी दंग रह गए। क्योंकि, दोनों महिलाओं के शरीर के अंदर 664 ग्राम हेरोइन के कुल 115 अंडाकार कैप्सूल बड़े सलीके से फिट किए गए थे, जिनकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत करीब 2.15 करोड़ रुपये थी।
रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी गोलियों को लुब्रिकेंट की मदद से मलाशय में ठूंसा गया था, जबकि छोटी गोलियां निगली गई थीं। डॉक्टरों का कहना था कि अगर शरीर के भीतर एक भी पैकेट लीक हो जाता, तो महिलाओं की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो जाती।
सिर्फ 80 हजार और एक फ्री विदेश यात्रा
हैरानी की बात यह है कि इन महिलाओं ने इस सुसाइड मिशन को सिर्फ 80 हजार रुपये और फ्री में ताइवान घूमने के चक्कर में चुना था। थाईलैंड के एक ड्रग गिरोह ने उनकी गरीबी का फायदा उठाकर उन्हें ड्रग म्यूल बना दिया। जब हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि वे अपने पेट में मौत लेकर घूम रही थीं, तो वे फूट-फूटकर रोने लगीं। उनके खिलाफ केस दर्ज हो चुका है, और अब उनकी पूरी जिंदगी जेल में कटने वाली है।
Tags :
#CG NEWS
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन