ब्रेकिंग
सूचना
Abhyuday Bharat News / Tue, Jan 6, 2026 / Post views : 125
कहते हैं कि रिश्ते की खूबसूरती अक्सर मुश्किल घड़ी में ही निखर कर सामने आती है। लंदन के 30 वर्षीय केनी एथन जोन्स (Kenny Ethan Jones) ने कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिसने न केवल सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का दिल जीत लिया है, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम (Brother Sister Bond) की नई परिभाषा भी लिखी है।
केनी की बहन किजी जोन्स (Kizzy Jones) कई सालों से मां बनने का सपना देख रही थीं। लेकिन ढलती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्हें बार-बार मिसकैरिज का दर्द झेलना पड़ रहा था। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी कोख तो स्वस्थ है, पर अंडों की गुणवत्ता सही नहीं होने के कारण वे प्रेग्नेंट नहीं हो पा रही हैं।
mom.com की रिपोर्ट के अनुसार, केनी ट्रांसजेंडर पुरुष हैं, और 10 सालों से हार्मोन थेरैपी पर थे। एक पुरुष के तौर पर खुद की पहचान मजबूत करने के लिए यह थेरैपी उनके लिए बेहद जरूरी थी। लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनकी बहन को एक डोनर की जरूरत है, तो उन्होंने बिना कुछ सोचे-विचारे अपनी थेरैपी रोकने का फैसला किया। उन्होंने कहा, यह आसान नहीं था, क्योंकि थेरैपी रुकने से मुझे ‘जेंडर डिस्फोरिया’ का खतरा था, लेकिन मेरी बहन की खुशी के सामने यह दर्द कुछ भी नहीं था।
इसके बाद केनी ने एग्स डोनेट प्रोसेस शुरू किया। यह प्रक्रिया उनके लिए शारीरिक और मानसिक दोनों ही तौर पर काफी चुनौतिपूर्ण थी, लेकिन उनकी हिम्मत रंग लाई, डॉक्टरों ने केनी के शरीर से 19 अंडे निकाले, जिनसे 6 हेल्दी भ्रूण तैयार हुए, अब केनी की बहन मां बन पाएगी।
केनी की यह कहानी सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई है। नेटिजन्स उन्हें एक ‘सुपर ब्रदर’ कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक मेडिकल केस नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक मैसेज भी है कि परिवार की खातिर दी गई कुर्बानी ही सबसे बड़ा ‘इश्क’ है ।
Tags :
ट्रेंडिंग न्यूज
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन