Mon, 29 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

दिल्ली के अस्पताल से फरार अंडरट्रायल 48 घंटे में गिरफ्तार, बीमारी का बहाना बनाकर हुआ था गायब ; हिमाचल से पकड़ाया

पुरी में देवस्नान पूर्णिमा की धूम: मुख्यमंत्री मोहन माझी समेत हजारों श्रद्धालुओं ने किए महाप्रभु के दर्शन

बेटियों की शादी में मददगार साबित हो रही मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, पात्र परिवारों को मिल रही 71 हजार रुपये तक की सहाय

सोशल मीडिया पर सिख गुरु साहिबान के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला, लुधियाना में पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे निहंग सि

हत्या या कुछ और : लापता बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश, परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

दिल्ली में नई ईवी पॉलिसी 1 जुलाई से लागू होगी, सीएम रेखा गुप्ता ने किया ऐलान, जानें क्या होंगे बड़े बदलाव

CM साय का बड़ा ऐलान: बिजली उपभोक्ताओं को बकाया बिल जमा करने दी गई 3 महीने की अतिरिक्त मोहलत, सरचार्ज पूरी तरह माफ

बिलासपुर सेंट्रल जेल के बंदी की मौत, नहाने के दौरान गिरने से सिर पर आई गंभीर चोट

दिल्ली में MCD टोल टैक्स नियमों में बदलाव की तैयारी, कमर्शियल वाहनों पर हर साल 5% बढ़ोतरी का प्रस्ताव

मोदी कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज: MP से 1 और सांसद बनेंगे केंद्र में मंत्री! रेस में सबसे आगे तरुण चुघ का नाम

सूचना

: जिंदगी चाहे मानव की हो या जानवर की, कीमती है: हाई कोर्ट

Admin / Tue, Aug 6, 2024 / Post views : 271

Share:
ABN EXPRESS NEWS 24x7

हाथियों की बिजली करंट से हो रही मौत को लेकर नितिन सिंघवी ने जनहित याचिका दायर की है। दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच को राज्य शासन ने बताया कि, बीते तीन साल के दौरान 21 हाथियों की मौत बिजली करंट से हुई है।

  1. कहा- बिजली करंट से हाथियों की मौत रोकने केंद्र के गाइड लाइन का करें पालन
  2. राज्य में तीन साल के दौरान बिजली करंट से 21 हाथियों की मौत
  3. अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने ती अक्टूबर की तिथि तय कर दी है                                                                        हाथियों की बिजली करंट से हो रही मौत को रोकने दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने राज्य शासन के उस जवाब को लेकर हैरानी जताई जिसमें बताया गया है कि बीते तीन साल के दौरान जंगलों में बिजली करंट से 21 हाथियों की मौत हो गई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि जान, चाहे मानव की हो या जानवर की, जान कीमती होती है। डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन्स का पालन करने का निर्देश दिया है। जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने ती अक्टूबर की तिथि तय कर दी है।हाथियों की बिजली करंट से हो रही मौत को लेकर नितिन सिंघवी ने जनहित याचिका दायर की है। दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच को राज्य शासन ने बताया कि, बीते तीन साल के दौरान 21 हाथियों की मौत बिजली करंट से हुई है। राज्य शासन के जवाब के बाद चीफ जस्टिस ने पूछा कि, क्या सब ऐसे ही खत्म हो जाएंगे। वाइल्ड लाइफ को नहीं बचाएंगे तो गए काम से। इनकी सुरक्षा और संरक्षा की जिम्मेदारी हम सबको उठानी ही पड़ेगी। जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी।
    क्या बताया याचिकाकर्ता ने याचिकाकर्ता नितिन सिंघवी की तरफ से बताया गया कि जून 2024 में सूरजपुर के पास जंगल में एक खेत में लगे 11 केवी के पोल से एक हाथी टकरा गया और पोल झुक गया, जिससे दूसरा हाथी झुके तार के करंट के संपर्क में आने से मर गया। फोटो देख, कोर्ट ने कहा कि पोल को सरसरी तौर पर लगाया गया और ऐसे पोल एक झटके में निकल जाएंगे। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में बताया है कि 26 जून 2024 को ऊर्जा विभाग, विद्युत वितरण कंपनी और वन विभाग के अधिकारियों के उच्च स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि, 11 केवी लाइन, 33 केवी लाइन और एलटी लाइन के झुके हुए तारों को ठीक करने का काम, तार की ऊंचाई बढ़ाने का काम और वन क्षेत्र, हाथी रहवास, हाथी विचरण क्षेत्र में भूमिगत बिजली की लाइन बिछाने अथवा इंसुलेट केबल लगाने का कार्य तथा स्पाई युक्त खंबो का प्रयोग करने का कार्य ऊर्जा विभाग और छत्तीसगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी करेगी।
    केंद्र सरकार के मापदंडों का पालन करने दी हिदायत 26 जून 2024 की बैठक में केंद्र के बनाए गए दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है। जिसके अनुसार विद्युत कंपनी को सभी झुकी हुई लाइनों को ठीक करना है, तार को वन क्षेत्र में जमीन से कम से कम 20 फीट ऊंचाई पर करना है और 11 केवी और एलटी लाइन के कंडक्टर को बदलकर कवर्ड कंडक्टर लगाना है। भारत सरकार के फारेस्ट कंजर्वेशन डिवीजन की अनुशंसा के अनुसार तो बिजली लाइन की ऊंचाई हाथियों की अधिकतम ऊंचाई जो भी ज्यादा के हो, उसके अनुसार होगी। पिछले पांव पर खड़े होने पर और सूंड ऊपर करने पर हाथी 20 फीट तक पहुंच सकता है।

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts