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छत्तीसगढ़ न्यूज़ : Bastar News Update : 618वें गोंचा महापर्व की आज से शुरूआत… पंचायत भवन में सिलाई प्रशिक्षण के दौरान गिरा छत का प्लास्टर…

Abhyuday Bharat News / Mon, Jun 29, 2026 / Post views : 3

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Bastar News Update : जगदलपुर. बस्तर का ऐतिहासिक और विश्वप्रसिद्ध गोंचा महापर्व सोमवार से देव स्नान पूर्णिमा के साथ आरंभ हो रहा है। श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा का वैदिक विधि से महाभिषेक होगा। महाभिषेक के बाद परंपरा अनुसार तीनों देव 15 दिनों के लिए अनसर में रहेंगे और दर्शन बंद रहेंगे। 617 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा इस वर्ष अपने 618वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष में आयोजित होने वाला यह पर्व बस्तर की सांस्कृतिक पहचान माना जाता है। रथयात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु आस्था और उत्साह के साथ शामिल होते हैं। तीनों देवों की प्रतिमाएं भव्य रथों में नगर भ्रमण कर सिरहासार तक पहुंचती हैं। बस्तर की पारंपरिक तुपकी सलामी इस महापर्व की सबसे अनूठी पहचान मानी जाती है। बांस से बनी तुपकी से भगवान को दी जाने वाली सलामी देश में केवल जगदलपुर में ही देखने को मिलती है। सोमवार सुबह शालिग्राम की शोभायात्रा और इंद्रावती के पवित्र जल से महाभिषेक की परंपरा निभाई जाएगी। अब श्रद्धालुओं को 15 जुलाई के नेत्रोत्सव पर पुनः भगवान के दर्शन प्राप्त होंगे। महापर्व को लेकर मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बना हुआ है।

पहली बारिश ने फिर बढ़ाई जलनिकासी व्यवस्था पर बहस

जगदलपुर। मानसून की पहली तेज बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी। करीब एक घंटे की बारिश में धरमपुरा मार्ग, बिनाका मॉल क्षेत्र सहित कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। घुटनों तक पानी भरने से वाहन रेंगते नजर आए और कई जगह लंबा जाम लग गया। दोपहिया वाहन पानी में बंद हुए, जबकि पैदल राहगीरों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। निचले इलाकों गायत्री नगर और धरमपुरा के लोगों में घरों में पानी घुसने की आशंका बढ़ गई है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया। हर वर्ष मानसून में बनने वाले ऐसे हालात स्थायी समाधान की जरूरत की ओर इशारा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई और बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था अब भी चुनौती बनी हुई है। नगर निगम द्वारा किए गए सुधार कार्यों के बावजूद कई संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव कायम रहा। लोगों का मानना है कि बढ़ते शहरी विस्तार के अनुरूप नई जलनिकासी योजना तैयार करना जरूरी है। शहरवासियों ने वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने और बड़े नालों के निर्माण की मांग उठाई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि मानसून के बाकी दिनों में व्यवस्था कितनी कारगर साबित होती है।    

बस्तर चेम्बर ने आईजी सुन्दरराज पी को दी सम्मानपूर्ण विदाई

जगदलपुर। बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने आईजी सुन्दरराज पी का सम्मान समारोह आयोजित किया। एनआईए में पदोन्नति मिलने पर चेम्बर भवन में उनका अभिनंदन किया गया। व्यापारी प्रतिनिधियों ने उनके कार्यकाल को बस्तर के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनकी सरल कार्यशैली और आम लोगों से सहज संवाद की सराहना की गई। नक्सल उन्मूलन अभियान में उनकी भूमिका को विशेष रूप से याद किया गया। चेम्बर पदाधिकारियों ने कहा कि उनके नेतृत्व में पुलिस की। सकारात्मक पहचान मजबूत हुई। सम्मान समारोह में अभिनंदन पत्र भेंट कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। बड़ी संख्या में व्यापारी और चेम्बर के पदाधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बस्तर में उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखने की बात कही। कार्यक्रम में सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच सभी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। सम्मान समारोह बस्तर और पुलिस प्रशासन के बेहतर समन्वय का भी प्रतीक बना। कार्यक्रम का समापन उनके सफल भविष्य की कामना के साथ हुआ।

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