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विदेश न्यूज़ : इसराइल को ईरान पर हमला करने से क्या हासिल हुआ, जानिए विशेषज्ञों की राय

Abhyuday Bharat News / Thu, Jun 26, 2025 / Post views : 512

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इसराइल और ईरान के बीच 12 दिनों की जंग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम की घोषणा के साथ ख़त्म हो गई.

ईरान के साथ इस जंग की तुलना 1967 में इसराइल की तीन देशों के साथ छह दिनों की जंग से हो रही है.

इसराइल के अंग्रेज़ी अखबार यरूशलम पोस्ट में रक्षा और ख़ुफ़िया विश्लेषक योनाह जर्मी बॉब ने एक लेख लिखा है.

योनाह जर्मी बॉब ने लिखा है, ''इसराइल 1948 में बना, लेकिन 1967 में छह दिनों के युद्ध से मध्य पूर्व का नक़्शा बदल गया और इसराइल ने एक नई पहचान बनाई. छह दिनों की जंग में इसराइल ने तीन देशों को मात दी थी. ये देश थे- मिस्र, सीरिया और जॉर्डन. इसी युद्ध के बाद इसराइल में नए इलाक़े सिनाई, गोलान, वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलम शामिल हुए. छह दिनों की इस जंग से पहले लोगों को लगता था कि ये तीन देश इसराइल का नामोनिशान मिटा देंगे. लोगों को लगता था कि यहूदी देश टिक नहीं पाएगा.''

बॉब मानते हैं, ''उस समय इसराइली सेना अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में कहीं बेहतर थी. यह बेहतरी न केवल क्षमता और प्रोफ़ेशनलिज़म में बल्कि अपने लक्ष्य के लिए प्रतिबद्धता के मामले में भी थी. तब इसराइल ने सरप्राइज हमले की साहसिक योजना भी बनाई थी.''

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