Tue, 30 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

ग्राम पंचायत घुरसेना में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित 90 ग्रामीणों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण

इंडिगो फ्लाइट की सूरत में इमरजेंसी लैंडिंग, आसमान में बेहोश हुआ 3 साल का मासूम, एक बेहतर समन्वय की बदौलत बची जान

पंजाब को जल्द मिलेगा स्थायी DGP, UPSC आज करेगी 3 वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल शॉर्टलिस्ट

जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, भ्रष्टाचार के आरोपों से गरमाई सियासत

नकटी गांव पहुंची कांग्रेस : प्रभावित परिवारों का सुना दर्द, दीपक बैज ने कहा- विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा… भूपेश बघेल बोल

FIFA World Cup 2026 में 8,254 करोड़ का रिकॉर्ड प्राइज पूल

इंडो-पैसिफिक कमांड से ‘इंडो’ गायब अब सर्जियो लगा रहे मक्खन, ट्रंप-मोदी केमिस्ट्री के नाम पर सुनाई सुबह 6 बजे वाली कहानी

फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और घोटाले का ‘कॉकटेल’ मामलाः किराएदारों ने घर मालिकन के नाम पर लिया 18 करोड़ का लोन....

19 साल बाद दर्द और एक्शन में लौट रहे Emraan Hashmi, Awarapan 2 के टीजर रिलीज

मानसून में मसालों को रखें सुरक्षित, नहीं तो स्वाद के साथ सेहत पर भी पड़ सकता है असर …

सूचना

ABN NEWS :- देश दुनिया : 99 देशों को हथियार बेचने वाला अमेरिका खुद नॉर्वे से खरीदता है ये 2 खतरनाक मिसाइलें, आखिर क्यों ?

Abhyuday Bharat News / Tue, Mar 10, 2026 / Post views : 144

Share:

स्टॉकहोम इंटरनेशनल के मुताबिक हथियार बिक्री के मामले में अमेरिका शीर्ष पर है। अमेरिका दुनिया के 99 देशों को हथियार बेचता है, लेकिन एक देश ऐसा भी है, जिससे अमेरिका सबसे ज्यादा हथियार खरीदता है। वो देश है- नॉर्वे। अमेरिका उससे 2 खतरनाक मिसाइल खरीदता है।

दुनिया के 99 देशों को हथियार बेचने वाला अमेरिका नॉर्वे से सबसे ज्यादा आर्म्स खरीद रहा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल की हालिया रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। 2021 से लेकर 2025 तक नॉर्वे का 33 प्रतिशत हथियार अमेरिका ने खरीदा है। नॉर्वे एकमात्र देश है, जिससे अमेरिका सबसे ज्यादा हथियार खरीदता है। अमेरिका के अलावा नॉर्वे यू्क्रेन और रोमानिया जैसे देशों को हथियार बेचता है। नॉर्वे रूस का पड़ोसी मुल्क है, जो नाटो का मेंबर भी है। 

स्टॉकहोम इंटरनेशनल के मुताबिक दुनिया में हथियार बिक्री के मामले में नॉर्वे की हिस्सेदारी बढ़ी है। दुनिया में 100 हथियार अगर बिकता है, तो उसमें एक हथियार नॉर्वे का है। 

पहला सवाल- क्या नॉर्वे हथियार बनाता है?

नॉर्वे मिसाइल और रडार सिस्टम जैसे हथियार तैयार करता है। नॉर्वे में हथियार बनाने का काम Kongsberg जैसी कंपनियां करती है। ZipDo के मुताबिक कुल रक्षा उत्पादन में लगभग 8% हिस्सा नॉर्वे की अर्थव्यवस्था का है। हाल के वर्षों में नॉर्वे के रक्षा उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 

2022 में नॉर्वे ने 11.9 बिलियन NoK (नॉर्वेजियन पैसे) का हथियार बेचा था।  2024 में यह बढ़कर 16.4 बिलियन NoK हो गया। ठोस और अत्याधुनिक टेक्नॉलोजी की वजह से नॉर्वे के हथियारों की डिमांड ज्यादा होती है। हालांकि, नॉर्वे अमेरिका या उसके दोस्तों को ही हथियार बेचता है। 

नॉर्वे से कौन-कौन सा हथियार खरीदता है?

अमेरिका नॉर्वे से 2 मिसाइल खरीदता है। इनमें नेवल स्ट्राइक मिसाइल (NSM) और नेशनल एडवांस सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम (NASAMS) है। NASAMS को व्हाइट हाउस और वॉशिंगटन D.C. की सुरक्षा में भी तैनात किया गया है। इसे काफी खतरनाक मिसाइल सिस्टम माना जाता है। 

NSM का इस्तेमाल यूएस नेवल आर्मी करती है। इसके जरिए समुंदर में यूएस नेवल आर्मी कोहराम मचाती है। 2024 में नॉर्वे की कंपनी Kongsberg के साथ अमेरिका ने 904 मिलियन डॉलर का समझौता किया था। 

नेवल स्ट्राइक मिसाइल दुनिया की सबसे आधुनिक स्टील्थ एंटी-शिप और लैंड-अटैक मिसाइलों में से एक है। इसकी रेंज 185200 किलोमीटर है। एक बार दागने के बाद यह मिसाइल खुद खोजकर हमला करता है। 

इसी तरह NASAMS एक ग्राउंड बेस्ड एयर डिफेंस सिस्टम है। यह मध्यम दूरी से लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, क्रूज मिसाइल को आसानी से मार सकता है। 

Tags :

# International News

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts