ब्रेकिंग
सूचना
दुनिया के 99 देशों को हथियार बेचने वाला अमेरिका नॉर्वे से सबसे ज्यादा आर्म्स खरीद रहा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल की हालिया रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। 2021 से लेकर 2025 तक नॉर्वे का 33 प्रतिशत हथियार अमेरिका ने खरीदा है। नॉर्वे एकमात्र देश है, जिससे अमेरिका सबसे ज्यादा हथियार खरीदता है। अमेरिका के अलावा नॉर्वे यू्क्रेन और रोमानिया जैसे देशों को हथियार बेचता है। नॉर्वे रूस का पड़ोसी मुल्क है, जो नाटो का मेंबर भी है।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल के मुताबिक दुनिया में हथियार बिक्री के मामले में नॉर्वे की हिस्सेदारी बढ़ी है। दुनिया में 100 हथियार अगर बिकता है, तो उसमें एक हथियार नॉर्वे का है।
नॉर्वे मिसाइल और रडार सिस्टम जैसे हथियार तैयार करता है। नॉर्वे में हथियार बनाने का काम Kongsberg जैसी कंपनियां करती है। ZipDo के मुताबिक कुल रक्षा उत्पादन में लगभग 8% हिस्सा नॉर्वे की अर्थव्यवस्था का है। हाल के वर्षों में नॉर्वे के रक्षा उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
2022 में नॉर्वे ने 11.9 बिलियन NoK (नॉर्वेजियन पैसे) का हथियार बेचा था। 2024 में यह बढ़कर 16.4 बिलियन NoK हो गया। ठोस और अत्याधुनिक टेक्नॉलोजी की वजह से नॉर्वे के हथियारों की डिमांड ज्यादा होती है। हालांकि, नॉर्वे अमेरिका या उसके दोस्तों को ही हथियार बेचता है।
अमेरिका नॉर्वे से 2 मिसाइल खरीदता है। इनमें नेवल स्ट्राइक मिसाइल (NSM) और नेशनल एडवांस सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम (NASAMS) है। NASAMS को व्हाइट हाउस और वॉशिंगटन D.C. की सुरक्षा में भी तैनात किया गया है। इसे काफी खतरनाक मिसाइल सिस्टम माना जाता है।
NSM का इस्तेमाल यूएस नेवल आर्मी करती है। इसके जरिए समुंदर में यूएस नेवल आर्मी कोहराम मचाती है। 2024 में नॉर्वे की कंपनी Kongsberg के साथ अमेरिका ने 904 मिलियन डॉलर का समझौता किया था।
नेवल स्ट्राइक मिसाइल दुनिया की सबसे आधुनिक स्टील्थ एंटी-शिप और लैंड-अटैक मिसाइलों में से एक है। इसकी रेंज 185200 किलोमीटर है। एक बार दागने के बाद यह मिसाइल खुद खोजकर हमला करता है।
इसी तरह NASAMS एक ग्राउंड बेस्ड एयर डिफेंस सिस्टम है। यह मध्यम दूरी से लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, क्रूज मिसाइल को आसानी से मार सकता है।
Tags :
# International News
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन