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काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय पक्ष से सूचना मिलने के बाद विदेश सचिव अमृत बहादुर राय ने मिस्री को पहले ही एक औपचारिक निमंत्रण भेज दिया है। अधिकारियों ने 'द पोस्ट' को यह जानकारी नाम न छापने की शर्त पर दी क्योंकि वे मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं थे। 10 अप्रैल को विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने मॉरीशस में आयोजित नौवें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर के साथ बातचीत की थी। रिपोर्ट के मुताबिक इसी दौरान बालेन शाह के दौरे के लिए दोनों नेताओं के बीच बातचीत की गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक इस दोनों विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत के दौरान एस जयशंकर ने खनाल के सामने विक्रम मिस्री को काठमांडू भेजने का प्रस्ताव रखा था ताकि वो नेपाल सरकार की प्राथमिकताओं को समझ सकें। इसके अलावा बालेन शाह के दिल्ली दौरे के समय ठोस परिणाम हासिल किया जा सके। पोस्ट ने बताया है कि अभी तक मिस्री के नेपाल दौरे को लेकर एजेंडा तय नहीं हुआ है लेकिन उनका मकसद नेपाल की नई सरकार की प्राथमिकताओं को समझना होगा। वो बालेन शाह की उम्मीदों को जानने की कोशिश करेंगे। शनिवार को नई दिल्ली में कुछ नेपाली पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान मिस्री ने यह भी कहा कि वह "बहुत जल्द" काठमांडू का दौरा करेंगे।
इसके अलावा विक्रम मिस्री बालेन शाह को औपचारिक तौर पर प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से नई दिल्ली की यात्रा करने का न्योता दिया जाएगा। इसके अलावा मिस्री नेपाल के कई मंत्रियों से मुलाकात करेंगे लेकिन फिलहाल ये तय नहीं है कि उनकी बालेन शाह से मुलाकात होगी या नहीं। नेपाल विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि विदेश मंत्री खनाल मंत्रियों से परामर्श कर रहे हैं और नेपाल में भारत की तरफ से वित्तपोषित विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति, उनकी प्रगति, बाधाओं और नए सहयोग के संभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं।
पोस्ट ने बताया है कि इस यात्रा के दौरान भारतीय विदेश सचिव प्रधानमंत्री बालेन शाह से शिष्टाचार भेंट कर सकते हैं। हालांकि बालेन शाह फिलहाल उस प्रोटोकोल को फोलो कर रहे हैं जिसके तहत वो सिर्फ मंत्रियों या देश के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे अधिकारियों से नहीं। उन्होंने अमेरिकी अधिकारी से मुलाकात नहीं की थी। वो राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के नीचे के अधिकारियों से मुलाकात नहीं कर रहे हैं।
इसके अलावा अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशिया के लिए डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत सर्जियो गोर, जो भारत में अमेरिकी राजदूत भी हैं, वो 30 अप्रैल को काठमांडू पहुंच रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि परंपरा को तोड़ते हुए बालेन शाह ने पिछले सप्ताह अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री समीर पॉल कपूर से मुलाकात नहीं की थी और यह अनिश्चित है कि क्या वह गोर से मुलाकात करेंगे। हालांकि पोस्ट ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से ये भी बताया है कि वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले और विदेश मंत्री खनाल प्रधानमंत्री बालेन शाह को भारत, चीन और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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