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न्यूजीलैंड के सांसद कार्लोस चुंग ने मंत्री शेन जोन्स की टिप्पणी को नस्लीय बताया है और कहा कि उन्होंने उन भारतीय और प्रवासी समुदायों के सदस्यों को नाराज किया है जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं। RNZ न्यूज के मुताबिक उन्होंने कहा "कोई भी नस्लवादी टिप्पणी अस्वीकार्य है खासकर मेरे जैसे प्रवासी के लिए... मैं इसे दूसरों की तुलना में ज़्यादा महसूस करता हूं।" उन्होंने आगे कहा "मुझे लगता है कि यह नस्लवादी है इसीलिए हम अपने भारतीय समुदाय... अपने प्रवासी समुदाय के साथ खड़े होना चाहते हैं।" हालांकि प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि ये टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं लेकिन उन्होंने इन्हें नस्लवादी नहीं कहा।
वहीं ACT पार्टी के नेता डेविड सेमोर ने मंत्री शेन जोन्स के लहजे की आलोचना करते हुए इन टिप्पणियों को "सचमुच बेकार जोक्स" कहा। उन्होंने कहा "उन्हें अपना तरीका सुधारना होगा क्योंकि अगर चुनाव में हमें छह महीने तक यही सब झेलना पड़ा तो यह बहुत ही उबाऊ और झुंझलाहट भरा हो जाएगा।" सेमोर ने आगे कहा कि आप्रवासन बहस का एक वैध मुद्दा है लेकिन लोगों के खान-पान की पसंद के आधार पर उनका मजाक उड़ाने से बहस में कोई सार्थकता नहीं जुड़ती। इसके अलावा ACT के सांसद परमजीत परमार ने कहा कि इस वाक्यांश का इस्तेमाल डर पैदा करने और ध्यान खींचने के लिए किया गया था जबकि उन्होंने रोजमर्रा के जीवन में प्रवासियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
भारत और न्यूजीलैंड ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मकसद अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 5 अरब डॉलर से आगे ले जाना है। इस डील के बाद न्यूजीलैंड भारतीय उत्पादों (जैसे कपड़ा, चमड़ा, कालीन, वाहन पुर्जे और दवाइयां) को अपने बाजार में 100% शुल्क-मुक्त प्रवेश देगा। बदले में भारत न्यूजीलैंड के 95% उत्पादों (जैसे ऊन, लकड़ी, कोयला, चेरी और एवोकैडो) पर आयात शुल्क को या तो खत्म कर देगा या काफी कम कर देगा। इसके अलावा न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत के विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा
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