Sat, 16 May 2026
Logo

ब्रेकिंग

छत्तीसगढ़: कोरबा में हाथियों का तांडव, फसलों को भारी नुकसान

अघोषित आपातकाल की ओर बढ़ रहा देश’— जयसिंह अग्रवाल का केंद्र सरकार पर हमला, महंगाई-ईंधन संकट पर उठाए सवाल...

’छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की पुनर्विकास योजनाओं (Re-development) में तेजी, शासन स्तर पर वि

रायपुर : ’इकोनॉमी के विकास के लिए वैल्यू एडिशन आधारित उत्पादन करना होगा -राज्यपाल डेका’

पति पत्‍नी और वो दो' मूवी रिव्‍यू

नमाज नहीं, लंदन से आएगी वाग्देवी की मूर्ति, भोजशाला परिसर मंदिर है, एमपी हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने दिल्ली में अमित शाह से की मुलाकात

आज का मौसम 15 मई: अगले 24 घंटे के अंदर 10 राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट, 70 KM की रफ्तार से चलेगी हवा IMD की चेतावनी

तेल-गैस पर हाहाकार, लंबा खिंच रहा पश्चिम एशिया संकट, रूसी तेल पर छूट बढ़ाए अमेरिका, भारत की मांग

बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी, जनता चुकाएगी कीमत; पेट्रोल-डीजल दाम बढ़ने पर भड़के राहुल गांधी

सूचना

ABN NEWS :- देश दुनिया : ईरान के हमलों के बीच चीन को गच्चा...बीच रास्ते यू-टर्न लेकर भारत की ओर मुड़े तेल टैंकर, क्या है रणनीतिक कारण...

Abhyuday Bharat News / Thu, Mar 19, 2026 / Post views : 100

Share:

भारत ने तेल और गैस के मोर्चे पर बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक जीत हासिल की है। चीन जा रहे कम से कम 7 जहाजी तेल टैंकर भारत की ओर मुड़ गए हैं। जल्द ही यह भारत पहुंचने वाले हैं। खाड़ी में एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों के चलते भारत तेजी से तेल-गैस जमा कर रहा है। जानते हैं इसके पीछे की बड़ी वजह है । 

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान के बीच जंग और तेज हो चुकी है। नतीजतन कतर के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर रास लफ्फान और ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले हुए हैं। मिडिल ईस्ट में जल्द ही तेल और गैस के ठिकानों पर और ज्यादा हमले होने वाले हैं। ऐसे में भारत समेत एशिया में तेल और गैस की आपूर्ति और बड़े संकट में फंसने वाली है। भारत ने एहतियातन बड़ा कदम उठा लिया है। वह अमेरिका से मिली छूट का जमकर फायदा उठाते हुए तेजी से रूसी तेल जमा कर रहा है।
इस बीच खबर यह आई है कि रूस के कम से कम सात जहाजी तेल टैंकरों ने अचानक अपना रास्ता बदल लिया है। ये जहाजी टैंकर बीच रास्ते ही चीन के बजाय भारत की ओर मुड़ गए। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान-अमेरिका युद्ध से पहुंच रही बाधा के बीच नई दिल्ली ने नए सिरे से अपनी एनर्जी सप्लाई को सुरक्षित करने के लिए पहल की है।
रिपोर्ट के अनुसार, शिप ट्रैकिंग फर्म वोरटेक्सा लिमिटेड रास्ता बदलने वाले इन पोतों की निगरानी कर रही है। ये तब आ रहे हैं, जब पिछले दिनों ही अमेरिका ने समुद्र में खड़े जहाजी टैंकरों में भरे रूसी तेल को खरीदने की मोहलत दी थी। ये भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक जीत का नतीजा है, जो जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट से होकर तेल और गैस की आपूर्ति हो पा रही है। साथ ही रूसी तेल की आपूर्ति में भी तेजी आ गई है। इसके पीछे की बड़ी वजहों को समझते हैं।

शनिवार को पहुंच जाएगा एक्वा टाइटन

रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन से रास्ता बदलकर भारत आने वाले तेल टैंकरों में से एक एक्वा टाइटन भारत के न्यू मंगलूरू पोर्ट पर 21 मार्च यानी शनिवार तक पहुंचने वाला है। यह टैंकर जनवरी के आखिर में रूस के पास बाल्टिक सागर में लोड किया गया था। जहां से वह चीन के लिए चला। पहले इसे चीन के बंदरगाह रिझाओ पर उतरना था। मगर, अमेरिका से छूट मिलने के कुछ दिन बाद ही इसने मार्च के मध्य में यू-टर्न ले लिया और भारत की ओर चल पड़ा।

जामनगर के सिक्का बंदरगाह पर पहुंचेगा जहाज

ABN EXPRESS NEWS की एक रिपोर्ट में ब्लूमबर्ग के हवाले से कहा गया है कि एक और टैंकर स्वेजमैक्स जॉजू एन भी गुजरात के जामनगर स्थित सिक्का बंदरगाह पर आ रहा है। बताया जा रहा है कि यह जहाजी तेल टैंकर 25 मार्च को पहुंच सकता है। इसने भी शुरुआती मार्च में ही चीन जाने के बजाय भारत की ओर रुख कर लिया था

ईरान ने होर्मुज ब्लॉक कर रखा है, भारत पर असर

भारत के लिए इन सातों तेल टैंकरों का भारत आना राहत की बात है, क्योंकि ईरान ने दुनिया की 20 फीसदी ऑयल और गैस सप्लाई के संकरे रूट होर्मुज स्ट्रेट को तकरीबन ब्लॉक कर रखा है। इसी रूट से भारत का भी करीब 50 फीसदी तेल गुजरता है।

चीन ने भी मौके का जमकर उठाया था फायदा

भारत ने इस साल की शुरुआत में मॉस्को से तेल लेना करीब-करीब बंद कर दिया था। मगर, जैसे ही छूट मिली, उसने एक हफ्ते में ही 3 करोड़ बैरल रूसी तेल जल्दी से जमा कर लिए। अमेरिका से ट्रेड डील के बाद जनवरी में रूस से कुल तेल आयात गिरकर 21 फीसदी रह गया था। उस वक्त चीन ने रूस के डिस्काउंटेड ऑयल का खूब फायदा उठाया। उसने रूसी तेल का खूब स्टॉक कर लिया।

भारत को मिलने वाली है बड़ी राहत

रिपोर्टों के अनुसार,रूसी तेल कि आमद होने से भारत को बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है, जो अपने कुल तेल का करीब 90 फीसदी आयात पर निर्भर रहता है। होर्मुज स्ट्रेट से भी भारत का खाड़ी देशों से करीब 50 फीसदी कच्चे तेल का आयात होता था। भारत का करीब 50 फीसदी लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) लिक्विफायड पेट्रोलियम गैस (LPG) इसी होर्मुज से ही गुजरता रहा है।

जयशंकर की कूटनीतिक कामयाबी से मिला होर्मुज से रास्ता

  • हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में होर्मुज को लेकर ईरान से वार्ता के बारे में कहा था-मैं इस समय उनसे बातचीत कर रहा हूं और मेरी बातचीत से कुछ नतीजे निकले हैं। यह बातचीत जारी है। अ

  • गर इससे मुझे फायदा हो रहा है, तो मैं स्वाभाविक रूप से इस पर आगे भी विचार करता रहूंगा। डॉ. जयशंकर ने निश्चित रूप से भारत के दृष्टिकोण से यह बेहतर है कि हम तर्क-वितर्क करें, तालमेल बिठाएं और कोई समाधान निकालें।

  • विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय ध्वज वाले जहाजों के लिए ईरान के साथ कोई व्यापक समझौता नहीं है और जहाजों की हर आवाजाही एक अलग घटना है।

  • उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि ईरान को बदले में कुछ मिला है और कहा कि दिल्ली और तेहरान का एक-दूसरे के साथ लेन-देन का इतिहास रहा है... जिसके आधार पर मैंने उनसे बातचीत की।

Tags :

# International News

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts