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जापान में अपनी यात्रा के अंतिम दिन योगी ने यामानाशी प्रांत में अत्याधुनिक हाई-स्पीड लीनियर मैग्लेव ट्रेन में बैठे। वह उस वक्त इस ट्रेन में बैठे, जब भारत की विकास की रफ्तार जापान से आगे निकल चुकी है।
द हिंदू की एक खबर के अनुसार, जापान को पीछे छोड़ते हुए भारत 4.18 ट्रिलियन डॉलर के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। अभी वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में पहले नंबर पर अमेरिका, दूसरे पर चीन और तीसरे पर जर्मनी है।
यह 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अनुमानित जीडीपी के साथ जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। 30 दिसंबर, 2025 को सरकार ने यह जानकारी दी थी। सरकार ने आगे कहा कि लगातार अच्छी विकास दर के साथ, भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भी है।
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, मैग्लेव ट्रेन 600 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकती है और मैग्नेटिक लेविटेशन तकनीक से चलती है। यह शुरुआत में लगभग 500 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। यह तैरती हुई सी महसूस होती है।
इस सेंट्रल जापान रेलवे कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। यह ट्रेन को पटरियों के ऊपर उठाने और चलाने के लिए सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट का उपयोग करती है, जिससे घर्षण समाप्त हो जाता है और ट्रेन 600 किमी/घंटे से अधिक की गति से चल सकती है।
यामानाशी मैग्लेव लाइन पर परीक्षण के दौरान, इसने 2015 में 603 किमी/घंटे का विश्व गति रिकॉर्ड बनाया था। एससी मैगलेव चोउ शिंकानसेन लाइन पर चलती है, जो टोक्यो और नागोया को तेजी से जोड़ती है।
तुलनात्मक रूप से जापान की मौजूदा बुलेट ट्रेनें लगभग 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं। भारत में भी बुलेट ट्रेन दौड़ाने की तैयारी चल रही है। साथ ही भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन बृहस्पतिवार को ट्रायल किया गया। यह तब हुआ है, जब भारत पूरी दुनिया में चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
योगी की म्यांमार, मॉरीशस, नेपाल और रूस की यात्राओं के बाद सिंगापुर-जापान की पांचवीं विदेश यात्रा है। यह यात्रा राज्य सरकार के 2027-2030 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर बढ़ने के प्रयासों का हिस्सा है।
योगी आदित्यनाथ चार दिवसीय विदेश दौरे के दौरान सिंगापुर और जापान के शीर्ष उद्योगपतियों से मुलाकात की और यूपी में निवेश का न्यौता भी दिया।
इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने भारत -जापान संबंधों को मजबूत करने के लिए और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने में जापानी सरकार और यामानाशी प्रांत के राज्यपाल की भूमिका के लिए आभार जताया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी में बोलते हुए कहा कि मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि जापान सरकार और यामानाशी प्रांत के राज्यपाल भारत और जापान के बीच संबंधों को गहरा करने और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
जापान यात्रा के दौरान आदित्यनाथ ने यामानाशी हाइड्रोजन फैसिलिटी पी2जी का दौरा किया और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी के बारे में जानकारी ली। अपनी यात्रा के पहले दिन ही उत्तर प्रदेश को लगभग 11,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
कुबोटा कॉर्पोरेशन, मिंडा कॉर्पोरेशन और जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री सहित कई कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किए गए। वहीं, सिंगापुर में उन्हें करीब 1 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव मिला है।
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