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ABN NEWS :- देश दुनिया : ईरान को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं, भागे-भागे चीन की शरण में पहुंचे इशाक डार, बीजिंग से मिलेगी गारंटी?

Abhyuday Bharat News / Tue, Mar 31, 2026 / Post views : 272

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान ने बीते रविवार को इस्लामाबाद में क्षेत्रीय मुस्लिम देशों के साथ एक अहम बैठक की मेजबानी की थी। अब दो दिन बात पाकिस्तानी विदेश मंत्री बीजिंग पहुंचे हैं।

इस्लामाबाद/बीजिंग: पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार चीन के दौरे पर पहुंचे हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि डार का चीन दौरा उनकी चीनी समकक्ष वांग यी के निमंत्रण पर हो रहा है, जहां मंगलवार को दोनों अधिकारी क्षेत्रीय घटनाक्रमों और द्विपक्षीय मामलों पर चर्चा करेंगे। डार ऐसे समय में चीन पहुंचे हैं, जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध पांचवें सप्ताह में पहुंच गया है। पाकिस्तान इस टकराव को कम करने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान ने इसी रविवार को इस्लामाबाद में तीन अहम मुस्लिम देशों- सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की- के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की थी। इस बैठक का मकसद अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत के लिए मध्यस्थता का ढांचा तैयार करना था। हालांकि, पाकिस्तानी सूत्रों का कहना है कि बैठक में ऐसा कोई ठोस रोडमैप सामने नहीं आया।

चीन को गारंटर बनाने की कोशिश

रिपोर्टों में कहा गया है कि बातचीत के लिए किए जा रहे पाकिस्तान के सभी प्रयास से ईरान ने खुद को दूर रखा है। तेहरान ने अमेरिका के साथ किसी भी समझौते में गारंटी की मांग कर रहा है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर वली नस्र का कहना है कि ऐसी रिपोर्ट हैं कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री इस संभावित समझौते के लिए एक गारंटर की तलाश में चीन जा रहे हैं। पूरी संभावना है कि अमेरिका के साथ बातचीत के लिए ईरान की यही शर्त है।

चीन ने किया बातचीत का समर्थन

नस्र ने एक्स पर अपने आकलन में लिखा कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री गारंटी के विचार को वॉशिंगटन और बीजिंग के सामने रखे बिना चीन नहीं जा रहे होंगे। हालांकि, इस बात की गारंटी नहीं है कि चीन इस प्रस्ताव को स्वीकार करेगा लेकिन कूटनीतिक प्रयासों में बीजिंग सबसे आगे है।

चीन ने बातचीत में ईरान को शामिल करने के प्रयास का समर्थन किया है। पिछले सप्ताह ही इशाक डार ने अपने चीनी समकक्ष से बात की थी, जिसमें वांग ने पाकिस्तान की भूमिका की तारीफ की थी। इसके साथ ही ईरान से बातचीत की प्रक्रिया में शामिल होने का आग्रह किया था।

चीन को इसलिए लाया गया है क्योंकि ईरान अगर किसी की सुनेगा तो वह चीन ही है। चीन के विदेश मंत्रालय ने वीकेंड पर ईरान के विदेश मंत्री को फोन किया था और उन्हें इस्लामाबाद के बातचीत के प्रयास में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया था। चीन ने पाकिस्तान को भी समर्थन दिया है।

रउफ कलासरा, पाकिस्तानी पत्रकार

पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार रउफ कलासरा ने इशाक डार के चीन दौरे को अहम बताया है। क्लासरा ने कहा कि ईरान इस समय अगर किसी ताकत पर भरोसा कर सकता है तो वह चीन ही है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से उन्होंने बताया कि वर्तमान स्थिति में चीन ही ईरान को बातचीत के लिए गारंटी दे सकता है, जिस पर तेहरान भरोसा करे। चीन जो असर ईरान में रखता है, वह पाकिस्तान का नहीं है।

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# International News

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