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छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से देसी-विदेशी शराब और बीयर के दाम बढ़ जाएंगे। नई आबकारी नीति के तहत प्रीमियम ब्रांड और महंगे होंगे, वहीं शराब अब कांच की जगह प्लास्टिक बोतल में उपलब्ध होगी।
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छत्तीसगढ़ में शराब की कीमतें बढ़ने वाली हैं। राज्य सरकार ने शराब पर रिवाइज्ड एक्साइज ड्यूटी के बारे में एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसे 30 जनवरी, 2026 को गजट में पब्लिश किया गया था। नए रेट 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे। इसके तहत, भारतीय, विदेशी शराब और बीयर महंगी हो जाएंगी।

छत्तीसगढ़ में शराब के शौकीनों की अब जेब और ढीली होने वाली है. नए वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी नीति (Chhattisgarh Excise Policy) में बड़े बदलाव का ऐलान किया गया है. राज्य में अब महंगी प्रीमियम ब्रांड की शराब के दाम बढ़ जाएंगे. इसके अलावा बीयर (Beer) और रेडी-टू-ड्रिंक पेय की कीमतें भी बढ़ने वाली हैं. सरकार के नए राजपत्र के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से नई दरें (New Rates of Sharab and Beer) लागू हो जाएंगी.
नई ड्यूटी दरों के अनुसार, देशी और विदेशी शराब पर ड्यूटी टैक्स बढ़ाया है. विदेशी शराब की कीमत के हिसाब से अलग-अलग ड्यूटी तय हुई है. इसके अलावा शराब की बोतलों की पैकिंग में भी बदलाव किया गया है. कांच की जगह अब शराब प्लास्टिक की बोतलों में मिला करेगी.

इस फैसले का सबसे ज्यादा असर प्रीमियम यानी महंगी शराब ब्रांड्स (Liquor Premium Brands) पर पड़ेगा. सरकार ने सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए न्यूनतम ड्यूटी दरें तय की हैं. देसी शराब की लैंडिंग प्राइस पर 50 प्रतिशत काउंटरवेलिंग ड्यूटी लागू की गई है. विदेशी शराब स्पिरिट, वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक कैटेगरी पर भी 50 प्रतिशत तक ड्यूटी होगी.
प्वाइंट्स में समझें
3500 तक की विदेशी शराब पर ₹475 प्रति प्रूफ लीटर.
3501 से ऊपर की शराब पर ₹805 प्रति प्रूफ लीटर.
बीयर और लो-अल्कोहल ड्रिंक पर भी नई ड्यूटी दरें तय.
100 तक की बीयर पर ₹120 प्रति बल्क लीटर.
121 और उससे अधिक पर ₹175 प्रति बल्क लीटर.
इसके अलावा 10% तक अल्कोहल वाले रेडी-टू-ड्रिंक पेय पर भी ₹475 प्रति प्रूफ लीटर ड्यूटी लगेगी.
जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, विदेशी शराब पर ड्यूटी अब रिटेल सेल प्राइस (RSP) यानी बाजार में बिकने वाले प्राइस स्लैब के आधार पर तय की गई है। मतलब, शराब का ब्रांड जितना महंगा होगा, उस पर उतना ही ज्यादा टैक्स देना होगा। इसके साथ ही, भारतीय शराब, बीयर और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) बेवरेज पर भी टैक्स बढ़ा दिया गया है।
नई एक्साइज पॉलिसी 2026-27 के तहत एक और बड़ा बदलाव किया गया है। सरकारी शराब की दुकानों में अब कांच की बोतलों के बजाय प्लास्टिक की बोतलों में शराब बेची जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे ट्रांसपोर्टेशन आसान होगा और खर्च कम होगा। हालांकि, कीमतों पर कंज्यूमर्स को सीधा फायदा होता नहीं दिख रहा है।
प्रूफ़ लीटर शराब में मौजूद शुद्ध अल्कोहल की मात्रा को मापने की एक यूनिट है। आसान शब्दों में कहें तो, यह शराब में अल्कोहल की मात्रा बताता है, बोतल में मौजूद कुल लिक्विड की मात्रा नहीं। उदाहरण के लिए, अगर एक बोतल में 1 लीटर शराब है और उसमें 50% अल्कोहल है, तो उसमें 0.5 प्रूफ़ लीटर अल्कोहल माना जाएगा। अगर 1 लीटर शराब में 42.8% अल्कोहल है, तो उसमें लगभग 0.43 प्रूफ़ लीटर अल्कोहल होगा।
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