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Abhyuday Bharat News / Sat, Apr 11, 2026 / Post views : 90
पटना: बिहार में नई सरकार का ग्रहण काल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन एक नया सवाल और हर पूरे दिन इन सवालों से जूझता NDA नेतृत्व। यह कोई एक दिन ,दो दिन या हफ्ता भर का नहीं, लगभग एक महीने से बिहार में कौन बनेगा मुख्यमंत्री, इसी पर समीकरण घटाए-बढ़ाए जा रहे हैं। शुक्रवार को जब राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा की सदस्यता ले रहे थे, तब लगा बिहार के नए मुख्यमंत्री का काउंटडाउन शुरू हो गया है। लेकिन उसी वक्त कुछ ऐसे घटनाक्रम हुए, जिसने पूरे मामले में पेच फंसा दिया।
कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री के खेल में यही नया पेच है। अब डिमांड है कि मुख्यमंत्री जदयू की तरफ से होना चाहिए। कहा जा रहा है कि बिहार की जनता ने 2025 से 2030, फिर से नीतीश के नारे पर मैंडेट दिया था। ऐसे में जदयू का सीएम नहीं होगा तो यह जनता के मैंडेट का अपमान होगा। जदयू के सूत्रों की माने तो जेडीयू के भीतर निशांत फोबिया हावी हो गया है। पार्टी के शीर्ष नेताओं और युवा विधायकों ने माना है कि जनता के मैंडेट का सम्मान करना होगा तो जदयू का यानि निशांत को सीएम बनाना होगा। दूसरी शर्त यह है कि अगर बीजेपी का सीएम होगा तो विधानसभा अध्यक्ष, गृह, सामान्य प्रशासन जदयू के हाथ में होगा। यानि कुल मिलाकर अभी की सरकार का फॉर्मूला ही आगे भी चलेगा। सारी पावर किसी एक घटक दल के हाथ में नहीं रहेगी। इस पर सहमति बनने के बाद ही आगे की राह तय होगी।
जदयू के नेतृत्व को इस बात का भी गुरेज है कि आखिरहरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभाभेजने का क्या तुक है। अगर भेजना ही था तो इस बिंदु पर विचार-विमर्श क्यों नहीं हुआ? पार्टी के तमाम
बैठकों से गायब रहने वाले हरिवंश नारायण को राज्यसभा भेज दिया गया, जबकि जदयू ने उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी से भी निकाला और आप (BJP) उसे राज्यसभा भेज दे रहे हैं। आप उन्हें पुरस्कृत कर रहे हैं. जिन्होंने JDU के व्हिप के विरुद्ध जा कर अपनी मर्जी का किया। जदयू सूत्रों का कहना है कि इन सबके बाद भी हरिवंश को राज्यसभा भेज कर बीजेपी आखिर क्या संदेश देना चाहती है?
हरिवंश के मामले पर जदयू हुआ गरम
बीजेपी आखिर क्या संदेश देना चाहती है- जदयू सूत्र
व्हिप का उल्लंघन करने वाले को किस बात का इनाम- JDU सूत्र
बिहार में एक बार फिर से जदयू और बीजेपी के बीच तनाव का माहौल
बीजेपी के सियासी गलियारे की मानें तो यह जब तक बयानों में चल रहा था, तब तक बीजेपी को लगा कि यह सब मिल बैठ कर तय कर लिया जाएगा। लेकिन जदयू के नेतृत्व के कुछ प्रश्नों से बीजेपी हतप्रभ है। नतीजा ये कि अभी तक जो बात चल रही थी किबिहार का अगला सीएम बीजेपी सेहोगा, इस पर अब नए सिरे से विचार किए जाने तक की भी तैयारी हो चुकी है। कुल मिलाकर एक ही दिन में बहुत कुछ बदलता दिख रहा है।
शायद यही वजह रही कि दिल्ली में विनोद तावड़े के घर शुक्रवार की शाम 6 बजे से होने वाली कोर कमिटी की बैठक भी स्थगित कर दी गई। इसके बाद सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा समेत बीजेपी की कोर टीम के तमाम बड़े नेता पटना वापस लौट गए। उधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा पद की शपथ दिलाने विजय चौधरी जब पटना लौटे तो पत्रकार ने पूछा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? विजय चौधरी ने कहा कि 'सब हो जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शपथ ले ली है,अब तो बिहार के मुख्यमंत्री जल्द तय हो जाएंगे। लेकिन इसके साथ ही विजय चौधरी ने साफ कहा कि शपथ लेने का मतलब सरकार बनाना थोड़े न हो जाता हैं! इसके लिए इस्तीफा देना जरूरी होता है।'
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