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ABN NEWS :- देश दुनिया : ईरान युद्ध के बीच भारतीय सशस्त्र सेना के भविष्य की जंग का रोडमैप,लीथल AI, किलर रोबोट, ड्रोन के झुंड....

Abhyuday Bharat News / Tue, Mar 17, 2026 / Post views : 135

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भारतीय सशस्त्र सेनाओं के लिए एक नई एआई पॉलिसी बनाई गई है, जिसका लक्ष्य मॉडर्न वॉरफेयर के लिए इसे अभी से तैयार करके रखना है।

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिकी-इजरायल युद्ध का मंगलवार को 18वां दिन हो चुका है। दोनों ओर से भीषण लड़ाई चल रही है। अमेरिका जैसी ताकत और इजरायल जैसे तकनीक में माहिर देशों के होने के बावजूद इस युद्ध का अंजाम क्या होगा, यह कहना अभी जल्दबाजी है। क्योंकि, नए जमाने के युद्ध ने अपना रंग-ढंग भी बदल लिया है। ऐसे में भारत ने अपनी सशस्त्र सेनाओं के लिए नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पॉलिसी बनाई है, जो पूरी तरह से भविष्य के युद्ध को लेकर तैयार की गई है।

भारतीय सशस्त्र सेना के लिए नई एआई पॉलिसी लीथल ऑटोनमस वेपन सिस्टम (घातक स्वायत्त हथियार प्रणाली) पर आधारित है, जिसमें इसके साथ ड्रोन के झुंड, एआई से संचालित होने वाले साइबर अटैक के साथ-साथ प्रिडिक्टिव बैटलफील्ड एनालिटिक्स को भविष्य की लड़ाई के लिए मिलिट्री के लिए मूल क्षमताओं में शामिल किया गया है।

इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ हेडक्वार्टर ने तैयार की एआई पॉलिसी

तीनों सेनाओं के लिए यह पॉलिसी एआई इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ हेडक्वार्टर  ने तैयार की है। इसमें सशस्त्र सेनाओं के लिए एआई के इस्तेमाल की जाने वाली क्षेत्रों की पहचान की गई है और साथ ही साथ इसके लिए उद्योग और शिक्षा जगत में तालमेल बिठाने की भी बात है, ताकि उचित मानवीय दखल के साथ मैदान-ए-जंग में सशस्त्र सेनाओं के लिए अपनी बढ़त बनाए रखना आसान हो।

सशस्त्र सेनाओं के लिए विजन 2047 पर आधारित नीति

विजिन 2047 के तहत 9 मार्च को घोषित नीति के अनुसार सशस्त्र सेनाएं निकट भविष्य में एक डेडिकेटेड डिफेंस क्लाउड स्थापित करेंगी,जिसमें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप जरूरी होगी। इसके लिए एकेडमिया को साथ लेकर साझा रिसर्च सेंटर बनाए जाएंगे और देश की सुरक्षा के साथ-साथ इसके कमर्शियलाइजेशन में भी संतुलन बिठाने की पहल की जाएगी।

सशस्त्र सेनाओं के लिए भविष्य की जंग के रोडमैप में क्या है

  • युद्ध में आर्टिफिशिय इंटेलिजेंस, रोबोट का इस्तेमाल

  • सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ-साथ ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्रों में सैनिकों की जगह रोबोट को उतारने की तैयारी।

  • अनमैन्ड कॉम्बैट ऑपरेशन पर फोकस।

  • करीबी युद्ध में ड्रोन झुंड ( drone swarms ) का व्यापक इस्तेमाल।

  • एआई नीति में एआई साइबर वॉरफेयर का भी जिक्र है। इसमें एआई-संचालित मैलवेयर डिटेक्शन की प्रक्रिया भी शामिल की गई है।


नई पॉलिसी से सशस्त्र सेनाओं की इंटेलिजेंस की क्षमता बढ़ेगी

  • एआई पॉलिसी के तहत सशस्त्र सेनाओं के लिए इंटेलिजेंस, सर्विलांस और टोह लेने की क्षमताओं में भी बदलाव और बेहतरी पर फोकस किया गया है।

  • इसमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इंफ्रा-रेड इमेजरी, रडार, सोनार, अकूस्टिक और स्पेस-बेस्ड फीड से प्राप्त तस्वीरों को प्राप्त करके, उनके विश्लेषण की क्षमता हासिल की जानी है।

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