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: दुनिया को मिलेगा एक और महासागर, कहां दो फाड़ होने को तैयार है धरती?

Admin / Mon, Feb 10, 2025 / Post views : 361

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शोधकर्ताओं का कहना है कि पूर्वी अफ़्रीकी दरार दो टेक्टोनिक प्लेटों का परिणाम है. पूर्व में सोमाली प्लेट और पश्चिम में न्युबियन प्लेट के चलते ऐसा हो रहा है. ये दोनों टेक्टोनिक प्लेटें अलग हो रही हैं, जिससे दरार गहरी होती जा रही है.

नई दिल्‍ली. पृथ्‍वी का निर्माण धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के आधार पर हुआ है. माना जा रहा है कि इन्‍हीं टेक्टोनिक प्लेटों की नई गतिविधि के चलते एक नए महासागर का निर्माण होने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं. यह नया महासागर अफ्रीकी महाद्वीप पर बनता नजर आ रहा है. वैज्ञानिकों ने अफ्रीका के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक विशाल दरार की खोज की है जो महाद्वीप को दो भागों में विभाजित कर रही है. कहा जा रहा है कि पृथ्वी पर पहले से मौजूद पांच महासागरों के बाद अब हमें भविष्‍य में छठा महासागर मिलने वाला है.

द अर्थ की रिपोर्ट के अनुसार इसे ईस्ट अफ्रीकन रिफ्ट सिस्टम (ईएआरएस) के नाम से जाना जाता है, इसे पहली बार 2005 में खोजा गया था, लेकिन माना जाता है कि इसकी शुरुआत लगभग 22 मिलियन वर्ष पहले हुई थी. पृथ्‍वी पर वर्तमान में प्रशांत, अटलांटिक, हिन्‍द, अंटार्कटिक और आर्कटिक के रूप में पांच अलग-अलग महासागर हैं. यदि छठा महासागर बनता है, तो ग्रह के भूगोल में बड़े पैमाने पर बदलाव आ सकता है.

 

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