(नौतपा कब से लगेगा 2025 में ): सूर्य भगवान के रोहिणी नक्षत्र के गोचर के साथ ही नौतपा लगता है। ये 15 दिन में से 9 दिन खासतौर पर भीषण गर्मी के माने जाते हैं। नौतपा 2025 में 25 मई से शुरू होकर 8 जून तक रहेगा। ये भी जानें कि कौन से पौधे इन दिनों में लगाए जाने चाहिए।
अगर आपको लग रहा है कि गर्मी अभी नहीं पड़ी है तो नौतपा के लिए तैयार हो जाएं जो 25 मई 2025 से लगने जा रहे हैं। इन 15 दिनों में से 9 दिन का समय सबसे गर्म दिनों का होता है। ये दिन सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से जुड़े हैं। जानें नौतपा का धार्मिक महत्व और इन दिनों में किन पौधों को जरूर लगाना चाहिए।
नौतपा कब से है 2025 में
नौतपा की शुरुआत 2025 में 25 मई, दिन रविवार से होगी और यह 8 जून तक चलेगा। नौतपा 15 दिन चलेगा। इसका प्रारंभ सूर्यदेव के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने से होता है। इस दौरान भीषण गर्मी होती है और यह अच्छी बारिश का प्रतीक मानी जाती है।
नौतपा क्या होता है
25 मई को सुबह 3:27 बजे सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 8 जून तक रहेंगे। इस दौरान 15 दिनों तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इन 15 दिन में से शुरुआती नौ दिन खासतौर पर बेहद भीषण गर्मी वाले होते हैं। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में होने के दौरान चन्द्र देव नौ नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं। इसी वजह से इनको नौतपा कहा जाता है।
नौतपा में कौन से पौधे लगाएं
नौतपा में कुछ खास पौधे लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन की कई समस्याएं दूर हो सकती हैं। आइए जानते हैं इन शुभ पौधों के बारे में।
पीपल का पेड़
पीपल को बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इसमें भगवान विष्णु, ब्रह्मा और शिव का वास होता है। नौतपा में पीपल लगाने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
शमी का पौधा
शमी को सूर्यदेव का प्रतीक माना जाता है। इसे लगाने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और जीवन की परेशानियां कम होती हैं।
तुलसी का पौधा
सनातन धर्म में तुलसी को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। इसे घर में लगाने और इसकी पूजा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
आंवला का पेड़
आंवला में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। इसे लगाने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य मिलता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इसके अलावा, नौतपा में नीम, बिल्वपत्र, केला, बरगद, अशोक, इमली और आम के पेड़ लगाने से भी पापों से मुक्ति मिलती है, जिससे जीवन की समस्याएं कम होती हैं। ये पौधे न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पर्यावरण को भी शुद्ध रखते हैं।
बढ़ता तापमान आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप उन तमाम उपायों को अपनाएं जो आपके शरीर को ठंडा रखने में मदद कर सकते हैं।
इस दौरान गर्मी इतनी ज्यादा हो सकती है कि उसका असर सेहत पर नजर आने लगा है। अगर इस मौसम में भी हर रोज़ बाहर निकलना आपकी मजबूरी है, तो आपको अपनी सेहत पर बहुत ध्यान देना होगा। हेल्थ शॉट्स पर हम आपकी मदद करने के लिए 9 सेफ्टी टिप्स साझा कर रहे हैं।
पहले जानें नौतपा क्या है (Nine days of extreme hot weather)
हालांकि, आपमें से बहुत से लोग इससे अनजान होंगे, और सोच रहे होंगे आखिर नौतपा (Nautapa 2024) क्या है? और इस दौरान इतनी गर्मी (Hot weather) क्यों होती है? तो आज हेल्थ शॉट्स आपके इसी सवाल का जवाब लेकर आया है, तो चलिए जानते हैं नौतपा के बारे में सब कुछ।
हिंदू कैलेंडर के अनुसार इन दिनों सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, जिसकी वजह से बेहाल कर देने वाली गर्मी पड़ती है। सूर्य इस नक्षत्र में 15 दिनों तक रहते हैं, परंतु शुरू के 9 दिन भीषण गर्मी पड़ती है। इसलिए इन नौ दिनों को नौतपा कहा जाता है।
भारतीय मौसम विज्ञान की भाषा में भी इन 9 दिनों को नौतपा कहा गया है। माना जाता है कि इन 9 दिनों में सूर्य जितना ज्यादा तपता है, जितनी ज्यादा लू चलती है, वर्षाकाल उतना ही अच्छा होता है। नौतपा में जब भीषण गर्मी पड़ती है, तो खेतों में विचरने वाले जहरीले जीव जंतु और कीड़े भी खत्म हो जाते हैं। इस प्रकार इसे खेती के लिए अच्छा माना जाता है।
अब जानें नौतपा यानी ज्यादा तापमान वाले इन दिनों का क्या हो सकता है सेहत पर असर (How extreme heat affect health)
वातावरण में बढ़ता तापमान कई शारीरिक समस्याओं के प्रति शरीर को संवेदनशील कर देता है। कुछ लोगों का शरीर इस तापमान को झेल लेता है, तो कुछ लोग बेहद परेशान हो जाते हैं। गर्मी बढ़ने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। जिसकी वजह से शरीर बेहद कमजोर हो सकता है। वहीं कई बार यह समस्याएं काफी गंभीर हो जाती हैं। त्वचा एवं बालों पर भी इसका बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सनबर्न से लेकर एक्ने, ऑयली स्किन सहित कई त्वचा संबंधी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं।
इसके अलावा अत्यधिक गर्मी कार्डियोवैस्कुलर, रेस्पिरेटरी और सेरेब्रोवैस्कुलर बीमारियों के खतरे को बढ़ा देती हैं। यदि किसी व्यक्ति को पहले से इनमें से किसी भी प्रकार की समस्या है, तो उनके लिए खतरा बेहद बढ़ जाता है। वहीं गर्मी के बढ़ने से ऑकुलर डिसऑर्डर जैसे की ड्राई आई सिंड्रोम, कंजेक्टिवाइटिस, फोटो केरिटाइटिस जैसी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं।
जानें इस स्थिति से बचाव के लिए क्या करना चाहिए (How to deal with extreme hot weather)
1. डाइट मैनेजमेंट
दही, मक्खन, तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, गुलाब की पंखुड़ियों का जैम (गुलकंद), तोरई और प्याज जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें। यह सभी खाद्य पदार्थ आपकी बॉडी को गर्मी से लड़ने के लिए तैयार करते हैं। वहीं बिना कुछ खाए-पिए घर से बाहर निकलने से बचें। खाली पेट गर्मी अधिक असर करती है।
2. हाइड्रेशन मेंटेन करें
नारियल पानी, जलजीरा (जीरा आधारित ड्रिंक), नींबू पानी, छाछ, आम का रस, बेल का रस, और ग्रीन टी पीकर हाइड्रेटेड रहें। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है, क्युकी इससे शरीर पर गर्मी का प्रभाव कम हो जाता है।
3. बाहर निकलते हुए शरीर को ढक कर रखें
नौतपा के दौरान अपने शरीर को सीधी धूप के संपर्क में आने से बचाएं। अपनी आंखों को धूप से बचाने के लिए सनग्लासेज लगाएं, वहीं बाल एवं चेहरे के लिए टोपी पहने। इसके अलावा अपने हाथों को कवर करने के लिए पूरे बाजू का कपड़ा पहने, इसके अलावा गर्दन को स्टॉल की मदद से कवर करना न भूलें।
4. कॉटन के ढीले कपड़े पहनें
सूती जैसे मुलायम और सांस लेने वाले कपड़े पहनें जो पसीने को अवशोषित करते हों, वहीं इन कपड़ों से हवा पास होने से आपका शरीर भी ठंडा रहता है। पूरे शरीर का हल्का सूती कपड़ा गर्मी के प्रभाव को कम करने के साथ ही आपके शरीर को सन टैनिंग से भी बचाता है।
5. हीटस्ट्रोक से सावधान रहें
गर्मी में हीट स्ट्रोक की समस्या बेहद गंभीर मानी जाती है। वहीं कई बार यह लोगों के लिए जानलेवा साबित हो चुकी है। यदि आप हीटस्ट्रोक के लक्षणों का अनुभव करती हैं, तो अपने पैरों के तलवों पर प्याज का रस लगाएं या कुचले हुए प्याज को रगड़ें। स्थिति बिगड़ने पर फौरन डॉक्टर की सलाह लें।
6. मेंहदी अप्लाई करें
प्राचीन समय की परंपरा के अनुसार, नौतपा के दौरान महिलाएं अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी लगाती थीं, क्योंकि मेहंदी की तासीर ठंडी होती है। साथ ही सिर पर मेहंदी या चंदन का लेप लगाना भी फायदेमंद साबित हो सकता है। इनमें कूलिंग प्रॉपर्टीज पाई जाती है, इस प्रकार ये हाथ एवं पैरों के तलवे से हीट को बाहर की ओर खींचने में मदद करते हैं।
7. इन खाद्य पदार्थों से रखें परहेज
गर्मी के मौसम में पाचन क्रिया अधिक संवेदनशील होती है, ऐसे में स्वस्थ एवं हल्के खाद्य पदार्थ लेने चाहिए। साथ ही इसका अधिक ख्याल रखना चाहिए। तैलीय या मसालेदार भोजन से बचें, मिर्च का उपयोग कम करें, और गर्म खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें। बासी भोजन न खाएं साथ ही प्रयाप्त मात्रा में साफ पानी पिएं।
8. टेंपरेचर मैनेजमेंट
सामान्य वातावरण में रहने के बाद अचानक अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने से बचें, और सामान्य तापमान बनाए रखें। इसके लिए खानपान पर ध्यान देने के साथ ही बॉडी की एक्टिविटी और घर के अंदर के तापमान को मैनेज करना भी जरूरी है।
9. बहुत ठंडे पानी से परहेज करें
बर्फ का या फ्रिज में रखा ठंडा पानी पीने से बचें। यदि आप शीतल पानी का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसके बजाय, इन दिनों मिट्टी के बर्तन में रखा पानी पिएं। मिट्टी का पानी ठंडा होने के साथ-साथ इसमें कई खास पोषक तत्वों की गुणवत्ता भी जुड़ जाती है, जिससे कि इसे गर्मी के मौसम में अधिक फायदेमंद माना जाता है।
न्यूज़ कलेक्शन : अनिल बघेल , बिलासपुर