ब्रेकिंग
सूचना
20 मिनट दिखेगा ग्रहण
9 घंटे पहले लगेगा सूतक
3 मार्च को रंग होली नहीं
4 मार्च को मनाई धुलंडी
![]()
होली के अगले दिन यानी 3 मार्च को जयपुर में साल का पहला चंद्रग्रहण दिखेगा।
जयपुर: राजधानी जयपुर में इस वर्ष का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को दिखाई देगा। होली के ठीक अगले दिन धुलंडी मनाई जाती है लेकिन इसबार चंद्रग्रहण के चलते ऐसा नहीं होगा। दरअसल, साल के पहले चंद्रग्रहण जयपुर में दिखेगा। इसकी अवधि केवल 20 मिनट तक ही रहेगी लेकिन सूतक लगने की वजह से धुलंडी का पर्व अगले दिन ही मनाया जाएगा। बता दें कि शहर में चंद्रोदय शाम 6 बजकर 22 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण का समापन 6 बजकर 47 मिनट पर हो जाएगा। ऐसे में जयपुरवासी ग्रहण का पूरा चरण नहीं देख पाएंगे। यह खगोलीय घटना श्री सत्यनारायण पूर्णिमा के दिन पड़ रही है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।
गोविंददेव जी मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी के अनुसार भारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण दोपहर 3:21 बजे से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा। इस तरह ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 26 मिनट होगी। देश के कई हिस्सों में इस दौरान ‘ब्लड मून’ का दृश्य भी देखने को मिल सकता है। हालांकि जयपुर में चंद्रमा के देर से उदित होने के कारण ग्रहण का प्रारंभिक चरण दिखाई नहीं देगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। मानस गोस्वामी ने बताया कि इस गणना के अनुसार 3 मार्च की सुबह लगभग 6:55 बजे से सूतक प्रभावी हो जाएगा। सूतक लगते ही अधिकांश मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इस अवधि में पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श और भोजन करना वर्जित माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से सूतक और ग्रहण के दौरान रंग-गुलाल खेलना भी उचित नहीं माना जाता। इसी कारण 3 मार्च को रंग वाली होली नहीं खेली जाएगी। ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम को स्नान और शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
चंद्रग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लगेगा। यानी 3 मार्च की सुबह करीब 6:55 बजे से सूतक प्रभावी हो जाएगा। सूतक लगते ही अधिकांश मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इस अवधि में पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श और भोजन करना वर्जित माना जाता है। सूतक और ग्रहण के दौरान रंग-गुलाल खेलना भी उचित नहीं है, इसलिए 3 मार्च को रंग वाली होली नहीं मनाई जाएगी।
मानस गोस्वामी, सेवाधिकारी, गोविंददेव जी मंदिर
ग्रहण के समापन और शुद्धिकरण के बाद 4 मार्च (बुधवार) को सूर्योदय के समय चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि रहेगी। धार्मिक परंपराओं के अनुसार सूतक से मुक्ति के बाद इसी दिन धुलंडी और रंगों की होली मनाई जाएगी। चंद्रग्रहण के चलते शहर के कई मंदिरों में दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। 3 मार्च को गोविंददेवजी मंदिर में ग्वाल, संध्या और शयन आरती के दर्शन नहीं होंगे। हालांकि मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रहणकाल के दौरान विशेष दर्शन की व्यवस्था जारी रहेगी, ताकि श्रद्धालु निर्धारित समय में भगवान के दर्शन कर सकें।
Tags :
#breking news
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन