Fri, 15 May 2026
Logo

ब्रेकिंग

छत्तीसगढ़: कोरबा में हाथियों का तांडव, फसलों को भारी नुकसान

अघोषित आपातकाल की ओर बढ़ रहा देश’— जयसिंह अग्रवाल का केंद्र सरकार पर हमला, महंगाई-ईंधन संकट पर उठाए सवाल...

’छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की पुनर्विकास योजनाओं (Re-development) में तेजी, शासन स्तर पर वि

रायपुर : ’इकोनॉमी के विकास के लिए वैल्यू एडिशन आधारित उत्पादन करना होगा -राज्यपाल डेका’

पति पत्‍नी और वो दो' मूवी रिव्‍यू

नमाज नहीं, लंदन से आएगी वाग्देवी की मूर्ति, भोजशाला परिसर मंदिर है, एमपी हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने दिल्ली में अमित शाह से की मुलाकात

आज का मौसम 15 मई: अगले 24 घंटे के अंदर 10 राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट, 70 KM की रफ्तार से चलेगी हवा IMD की चेतावनी

तेल-गैस पर हाहाकार, लंबा खिंच रहा पश्चिम एशिया संकट, रूसी तेल पर छूट बढ़ाए अमेरिका, भारत की मांग

बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी, जनता चुकाएगी कीमत; पेट्रोल-डीजल दाम बढ़ने पर भड़के राहुल गांधी

सूचना

: समूह की महिलाएं मछली पालन का व्यवसाय अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर

Admin / Thu, Jan 9, 2025 / Post views : 225

Share:
ABN express न्यूज़ 24x7

सफलता की कहानी

मुंगेली - मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मंशानुरूप और कलेक्टर श्री राहुल देव के मार्गदर्शन में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका सकारात्मक परिणाम जिले में देखने को मिल रहा है। मुंगेली विकासखण्ड के ग्राम शुक्लाभाठा-विचारपुर के सखी सहेली स्व सहायता समूह की महिलाएं शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। उनके इस प्रयास से न केवल उनकी जीवनशैली में सुधार हुआ है, बल्कि वे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा भी बन रही हैं। इस समूह की महिलाओं ने मछली पालन को अपना व्यवसाय चुना है। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर सेतगंगा ग्रामीण बैंक से पहले एक लाख रुपए का ऋण लिया। इसके बाद व्यवसाय को विस्तार देने के लिए दो लाख और तीन लाख रुपए के ऋण की मदद ली, जिससे उन्होंने कुल 06 लाख रुपए का ऋण लेकर चार डबरी में मछली पालन के व्यवसाय को आगे बढ़ाया। इसके परिणामस्वरूप उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।

           समूह की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा बाई गबेल ने बताया कि पहले सभी महिलाएं केवल खेती-बाडी पर निर्भर थीं। खेती में कम आमदनी होने के कारण घर की जरूरी सामग्रियों को क्रय करने, बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे की पूर्ति नहीं हो पाती थी, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास शुरू किया। उन्हें शासन से चक्रीय निधि के तहत 15,000 रुपए का अनुदान भी प्राप्त हुआ। फिर बैंक से ऋण लेकर वे अपने व्यवसाय को धीरे-धीरे बढ़ाती गईं और अब उनकी आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। पुष्पा बाई ने इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री, कलेक्टर और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इन महिलाओं की कहानी न केवल उनकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है, बल्कि यह अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायक है, जो अपने जीवन को बदलने के लिए प्रयासरत हैं।

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts