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इस संशोधन का मसौदा 30 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था। जिस पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। सरकार ने कहा कि प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम संशोधन अधिसूचित किया गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव हर्ष मंगला ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप पीने से बच्चों की मौतों के बाद लिया है। बच्चों की मौतों के बाद कफ सिरप दवाओं की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इन घटनाओं के बाद सिरप के निर्माण और बिक्री पर कड़े नियंत्रण की मांग तेज हो गई थी। अब देशभर की फार्मेसियों को सिरप और संबंधित औषधीय फॉर्मूलेशन की बिक्री के लिए संशोधित नियमों का पालन करना होगा। इसके तहत बिना डॉक्टर की पर्ची के ऐसी दवाएं बेचना संभव नहीं होगा। नए नियम के तहत कफ सिरप सहित औषधीय सिरप खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर द्वारा जारी प्रिस्क्रिप्शन दिखाना होगा।
ड्रग्स रूल्स में क्या बदलाव किया गया
सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 की Schedule K में सूचीबद्ध दवाओं की श्रेणी से “Syrups” शब्द को हटा दिया है। केंद्र सरकार ने 9 जून 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए Drugs (Fifth Amendment) Rules, 2026 लागू किए है। इसके परिणामस्वरूप सिरप अब ओवर-द-काउंटर दवाओं की श्रेणी में नहीं रहेंगे और उनकी बिक्री पर सख्त नियामकीय नियंत्रण लागू होगा।
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