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Abhyuday Bharat News / Sat, Apr 25, 2026 / Post views : 7
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क्या आप जानते हैं कि जिस केले के छिलके को आप कचरा समझकर फेंक देते हैं, वह आपके बगीचे के लिए किसी 'कीमती खजाने' से कम नहीं है? दरअसल गार्डनिंग की शौकीन विभा के अनुसार, केले के छिलके पौधों के लिए सबसे बेहतरीन और मुफ्त की ऑर्गेनिक खाद हैं। इनमें भरपूर मात्रा में पोटेशियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम पाया जाता है, जो पौधों को मजबूती देने के साथ-साथ उन्हें फूलों और फलों से भर देता है।
अक्सर लोग छिलकों को सीधे मिट्टी में डाल देते हैं, जिससे फंगस का डर रहता है, लेकिन विभा ने इसका इस्तेमाल करने का एक बेहद सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीका बताया है। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे केले के छिलकों का पाउडर बनाकर आप अपने मुरझाए हुए पौधों में नई जान फूंक सकते हैं और उन्हें हरा-भरा बना सकते हैं।
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केले के छिलके में सबसे अधिक मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है। पोटेशियम पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और उनके तनों को मजबूती देता है। इसके अलावा, इसमें फास्फोरस और मैग्नीशियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व भी होते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता को प्राकृतिक रूप से बढ़ाते हैं। अगर आपके पौधे मुरझा रहे हैं या उनकी बढ़त रुक गई है, तो केले के छिलके की खाद उन्हें नया जीवन दे सकती है।
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गार्डनर विभा के मुताबिक, छिलकों को सीधे गीला मिट्टी में डालना कई बार फंगस या कीड़े पैदा कर सकता है। इसलिए इसका पाउडर बनाना सबसे सुरक्षित तरीका है। केले के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काट लें और कड़क धूप में 2-3 दिनों तक सुखाएं। जब वे पूरी तरह काले और कुरकुरे हो जाएं, तो उन्हें मिक्सी में पीसकर बारीक पाउडर बना लें। इस पाउडर को आप महीनों तक स्टोर करके रख सकते हैं।
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खाद डालने का भी एक खास तरीका होता है ताकि पौधों की जड़ें उसे सोख सकें। सबसे पहले पौधे की मिट्टी की ऊपरी परत की हल्की गुड़ाई करें। अब पौधे के मुख्य तने से थोड़ी दूर मिट्टी में एक चम्मच केले का पाउडर चारों तरफ छिड़क दें। इसके बाद दोबारा हल्की गुड़ाई करें ताकि पाउडर मिट्टी में मिल जाए और आखिरी में थोड़ा पानी दें। इससे पोषक तत्व सीधे जड़ों तक पहुंच जाते हैं।
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केले के छिलके का पाउडर फ्लावरिंग और फ्रूटिंग को बढ़ाने के लिए सबसे कारगर माना जाता है। इसमें मौजूद फास्फोरस फूलों को खिलने में मदद करता है और पोटेशियम फलों के स्वाद और आकार में सुधार करता है। इसके इस्तेमाल से फूलों का रंग गहरा और चमकदार हो जाता है।
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केले की खाद हर उस पौधे के लिए वरदान है जिसे अधिक पोटेशियम की जरूरत होती है।
फूलों वाले पौधे- गुलाब, गुड़हल, और मोगरा के लिए यह बेस्ट है।
सब्जियां- टमाटर, मिर्च और बैंगन के पौधों में इसे डालने से पैदावार दोगुनी हो जाती है।
इनडोर प्लांट्स- मनी प्लांट और स्नेक प्लांट में भी महीने में एक बार इसका कम मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है।
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किसी भी खाद का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल पौधों को नुकसान पहुंचा सकता है। गार्डनर विभा की सलाह है कि इस पाउडर का इस्तेमाल महीने में केवल एक या दो बार ही करें। गर्मियों के मौसम में इसे शाम के समय डालना ज्यादा फायदेमंद होता है। साथ ही ध्यान रखें कि छिलके पूरी तरह सूखे हों, क्योंकि कच्चे छिलके मिट्टी में डालने से चींटियां या मक्खियां पनप सकती हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। अभ्युदय भारत न्यूज इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।
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