Mon, 29 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

दिल्ली के अस्पताल से फरार अंडरट्रायल 48 घंटे में गिरफ्तार, बीमारी का बहाना बनाकर हुआ था गायब ; हिमाचल से पकड़ाया

पुरी में देवस्नान पूर्णिमा की धूम: मुख्यमंत्री मोहन माझी समेत हजारों श्रद्धालुओं ने किए महाप्रभु के दर्शन

बेटियों की शादी में मददगार साबित हो रही मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, पात्र परिवारों को मिल रही 71 हजार रुपये तक की सहाय

सोशल मीडिया पर सिख गुरु साहिबान के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला, लुधियाना में पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे निहंग सि

हत्या या कुछ और : लापता बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश, परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

दिल्ली में नई ईवी पॉलिसी 1 जुलाई से लागू होगी, सीएम रेखा गुप्ता ने किया ऐलान, जानें क्या होंगे बड़े बदलाव

CM साय का बड़ा ऐलान: बिजली उपभोक्ताओं को बकाया बिल जमा करने दी गई 3 महीने की अतिरिक्त मोहलत, सरचार्ज पूरी तरह माफ

बिलासपुर सेंट्रल जेल के बंदी की मौत, नहाने के दौरान गिरने से सिर पर आई गंभीर चोट

दिल्ली में MCD टोल टैक्स नियमों में बदलाव की तैयारी, कमर्शियल वाहनों पर हर साल 5% बढ़ोतरी का प्रस्ताव

मोदी कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज: MP से 1 और सांसद बनेंगे केंद्र में मंत्री! रेस में सबसे आगे तरुण चुघ का नाम

सूचना

: यूपी में ‘लव जिहाद रोकथाम’ बिल पास, शिकायत पर मिलेगी उम्र कैद की सजा

Admin / Wed, Jul 31, 2024 / Post views : 267

Share:
ABN EXPRESS NEWS 24x7 उत्तरप्रदेश लखनऊ- यूपी विधानसभा में ‘लव जिहाद रोकथाम’ का बिल पास कर दिया गया है। अब पूरे प्रदेश में धोखे से या बलपूर्वक कराए गए मतांतरण के मामलों में कानून और सख्त होगा। इस कानून के तहत दोषियों को कड़ी सजा का भी प्रावधान है।
यूपी में अवैध मतांतरण की घटनाओं पर लगेगी रोक
उत्तर प्रदेश में रहने वाली किसी भी महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उनका मतांतरण कराकर उत्पीड़न की घटना यानी ‘लव जिहाद’ के दोषियों को पहली बार उम्रकैद तक की सजा होगी। अवैध मतांतरण की गंभीर घटनाओं की रोकथाम के लिए सरकार ने कानून का दायरा और सजा की अवधि बढ़ाई है।
क्या है ‘लव जिहाद रोकथाम’ बिल?
इस बिल के तहत अब अगर कोई व्यक्ति मतांतरण कराने की नीयत से किसी व्यक्ति को उसके जीवन या संपत्ति के लिए धमकाता है, हमला करता है, विवाह या विवाह करने का वादा करता है अथवा षड्यंत्र करता है, नाबालिग, महिला या किसी व्यक्ति की तस्करी करता है तो उसके अपराध को सबसे गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा।
ये है सजा का प्रावधान
ऐसे मामले में आरोपित को कम से कम 20 वर्ष कारावास या आजीवन कारावास तक की सजा व जुर्माने से दंडित किया जाएगा। न्यायालय पीड़ित के इलाज के खर्च और पुनर्वास के लिए धनराशि जुर्माने के रूप में तय कर सकेगी। गंभीर अपराधों की भांति अब कोई भी व्यक्ति मतांतरण के मामले में भी एफआइआर दर्ज करा सकेगा। पहले मतांतरण से पीड़ित व्यक्ति, उसके स्वजन अथवा करीबी रिश्तेदार की ओर से ही एफआइआर दर्ज कराने की व्यवस्था की गई थी।

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts