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बालेंद्र शाह ने एक रैपर के तौर पर नेपाल के युवाओं में लोकप्रियता हासिल की थी। इसके बाद वह राजनीति में कूदे और 2022 से 2026 तक काठमांडू के मेयर के रूप में काम किया। इसके बाद नेपाल चुनावों में भारी जीत हासिल करने के बाद इस साल 26 मार्च को बालेन ने नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है।
2025 के नेपाली युवाओं के विरोध प्रदर्शनों में केपी ओली की सरकार गिरने के बाद बालेन शाह नेपाल के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में से एक बनकर उभरे थे। 2026 के नेपाल चुनावों से पहले बालेन शाह ने काठमांडू के मेयर पद से इस्तीफा दिया और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में शामिल हो गए। वह सिर्फ 35 साल की उम्र में नेपाल के पीएम बने हैं।
नेपाल हिंदू बहुल देश है। नेपाल की कुल आबादी में करीब 82 प्रतिशत हिंदू हैं। नेपाल में बौद्ध धर्म को मानने वाले 8 प्रतिशत और मुसलमान करीब 5.09 फीसदी हैं।नेपाल की राजनीतिमें अमूमन हिंदू धर्म के लोगों का दबदबा रहा है, जो आबादी में 82 फीसदी हैं। हालांकि राजधानी काठमांडू में मुस्लिमों की अच्छी संख्या है।
नेपाल के आम चुनावों में शानदार जीत दर्ज करने वाले बालेंद्र शाह देश के सबसे कम उम्र (35 साल) के प्रधानमंत्री बने हैं। शाह नेपाल में पहले ऐसे मधेसी नेता हैं, जो पीएम के तौर पर देश का नेतृत्व करेंगे। बालेन शाह का परिवार खासतौर से उनकीपत्नी सबीना काफलेसोशल मीडिया का एक लोकप्रिय चेहरा हैं।
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