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Admin / Tue, Oct 8, 2024 / Post views : 216

एक दशक बाद हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव ( Jammu Kashmir Chunav result 2024) में नेशनल कांफ्रेंस अकेले दम पर 42 सीटें जीतने में सफल रही है। गठबंधन में शामिल कांग्रेस भी 6 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही है। इस प्रकार इंडिया गठबंधन(48) जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बहुमत के नंबर(46) के पार पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी जम्मू में भी अपनी उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं जीत पाई, भाजपा केवल 29 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र रैना भी अपनी सीट नौसेरा 7 हजार वोटों से हार गए। अपने दम पर चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी के खातें में भी एक सीट गई है, उसके उम्मीदवार मेहराज डोडा विधानसभा क्षेत्र से जीतने में सफल रहे। चुनावों से पहले जिन निर्दलीय उम्मीदवारों को लेकर सभी लोग बात कर रहे थे वह उतने असरदार साबित नहीं हुए। केवल 7 निर्दलीय उम्मीदवार इस चुनाव में जीत दर्ज कर पाए। पिछली बार भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने वाली पीडीपी केवल तीन सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही। महबूबा मुफ्ती के चुनाव न लड़ने के कारण पार्टी का पूरा दारोमदार उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती पर आया, लेकिन वह अपनी सीट भी बचाने में नाकाम रहीं। चुनाव के नतीजे आने के पहले ही उन्होंने अपनी हार मानते हुए लिखा कि मैं लोगों के जनादेश को स्वीकार करती हूं। रशीद इंजीनियर के भाई खुर्शीद अहमद शेख लंगेट विधानसभा से जीत दर्ज करने में सफल रहे। इसके अलावा जेपीसी और सीपीआईएम भी एक-एक सीट जीतने में कामयाब रही। चुनावों के नतीजें भाजपा के लिए चौंकाने वाले रहे। नतीजों के बाद एनसी के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जनता ने उन्हें उम्मीद से ज्यादा समर्थन दिया है, अब हम अपने आप को उनके वोटों के काबिल साबित करने की कोशिश करेंगे। वहीं एनसी और कांग्रेस की जीत पर पीडीपी की वरिष्ठ नेता महबूबा मुफ्ती ने भी दोनों पार्टियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश चुनाव में जीत पर बधाई, इसके साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर की जनता को भी बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने एक स्थाई सरकार को चुनने में अपना योगदान दिया इसके लिए उन्हें बधाई। चुनाव परिणाम के बाद नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारुख अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री के सवाल पर कहा कि उमर ही मुख्यमंत्री बनेंगे। उनके इस बयाँन से साफ़ होता है की जम्मू एंड कश्मीर के अगले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला होंगे | ये चुनाव परिणाम २०१९ में आर्टिकल ३७० के निरस्त होने और तत्कालीन राज्य को २ केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद प्रदेश की पहले निर्वाचित सरकार का मार्ग प्रशस्त करेंगे
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