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मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ शिकायत दर्जः राज्यसभा चुनाव में चुनावी हलफनामे में करोड़ों रुपये की संपत्ति छुपाने का आरोप

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ABN NEWS :- देश दुनिया : मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ शिकायत दर्जः राज्यसभा चुनाव में चुनावी हलफनामे में करोड़ों रुपये की संपत्ति छुपाने का आरोप

Abhyuday Bharat News / Thu, Jun 11, 2026 / Post views : 10

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कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। ये शिकायत कर्नाटक विधानसभा सचिवालय में राज्यसभा चुनाव में चुनावी हलफनामे में करोड़ों रुपये की संपत्ति छुपाने का आरोप में दर्ज कराई गई है। आरोप है कि खरगे ने चुनावी हलफनामे में सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट की लगभग 36.86 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा नहीं किया था। हालांकि इस मामले पर मल्लिकार्जुन खरगे या कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। दिनेश कल्लाहल्ली ने आरोप लगाया है कि खरगे ने चुनावी हलफनामे (फॉर्म-26) में सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट से जुड़ी महत्वपूर्ण वित्तीय जानकारी का खुलासा नहीं किया था।

सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि कलबुर्गी स्थित सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट की 31 मार्च 2023 तक की कुल संपत्ति (नेट वर्थ) लगभग 36.86 करोड़ रुपये थी। इस ट्रस्ट के संस्थापक खरगे हैं। उन्होंने ट्रस्ट की संपत्तियों, वित्तीय हितों और उससे जुड़े विवरणों का उल्लेख अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया।कल्लाहल्ली ने इसके समर्थन में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 तथा चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला दिया है। उनका कहना है कि यदि किसी उम्मीदवार ने जानबूझकर या अनजाने में भी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई है, तो इसकी जांच होनी चाहिए।

कर्नाटक विधानसभा सचिवालय से मामले की कानूनी समीक्षा की मांग

दिनेश कल्लाहल्ली ने कर्नाटक विधानसभा सचिवालय से मामले की कानूनी समीक्षा कराने की मांग की। उन्होंने ट्रस्ट के ट्रस्टी विवरण, ऑडिट रिपोर्ट, आयकर दस्तावेज और अन्य वित्तीय अभिलेखों की जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चुनावी हलफनामे में सभी आवश्यक जानकारियां दी गई थीं या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की जानकारी छिपाने या अधूरी जानकारी देने की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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